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वित्तविहीन शिक्षकों को सरकार दे रही धोखा

Thu, 01 Aug 2019 12:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 01 Aug 2019 12:21 AM IST
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बलिया। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ वित्तविहीन गुट के शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय पर बुधवार को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरने को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि सरकार और अन्य शैक्षणिक संगठनों के गठजोर से वित्तविहीन विद्यालयों को बंद करने की साजिश रची जा रही है। जिसमें उप्र सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं माध्यमिक शिक्षामंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा है कि संगठनों की राय से वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय का दायित्व प्रबंधतंत्र सरकार ने सौंपा है। जिससे स्पष्ट है कि अन्य शैक्षणिक संगठन व सरकार आपस में मिले हुए हैं। क्योंकि न तो प्रबंधतंत्र शिक्षकों को 15 हजार रुपये प्रतिमाह दे पाएगा और न तो विद्यालय ही चल पाएंगे। क्योंकि शासनादेश में व्यवस्था हो रही है कि प्रबंधक प्रतिमाह 15 हजार रुपये शिक्षकों के खाते में भेजेगा। अगर तीन महीने तक नहीं भेजता है तो शिक्षा अधिनियम की धारा 16 डी के तहत मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सरकार से वित्तविहीन शिक्षकों को सरकार द्वारा 15 से 20 हजार रुपये मानदेय देने की मांग की। नहीं तो शिक्षक आंदोलन को बाध्य होंगे। वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष सीताराम यादव ने कहा कि वित्तविहीन विद्यालयों के प्रति सरकार तथाकथित शैक्षणिक राजनीति करने वाले संगठन के कुत्सित भावनाओं को किसी भी दशा में हम लोग स्वीकार नहीं करेंगे। इस अवसर पर डॉ. रामगोविंद प्रजापति, कैलाश सिंह, सत्य नारायण यादव, जयशंकर राय, सुरेंद्र सिंह, यशवंत पटेल, रवींद्र कुमार सिंह आदि रहे।
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