बलिया/नरहीं। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा का फेफना विधानसभा में खाता नहीं खुलना, सपा के पक्ष में विधानसभा क्षेत्र के छह वोटों का जाना और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में करारी हार कई सवाल खड़ कर रही है। पार्टी की इस हार पर कोई खुल कर बोलने को तैयार नहीं हैं। बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने इतना जरूर कहा कि उचित समय पर प्रत्याशी के संदर्भ में निर्णय नहीं लिया जाना और देरी से प्रत्याशी घोषित करना ही हार का मुख्य कारण है।
फेफना विधानसभा प्रदेश सरकार के मंत्री उपेंद्र तिवारी का क्षेत्र है। इस विधानसभा में जिला पंचायत के सात सदस्य हैं। हाल ही में संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में एड़ी चोटी का जोर लगाने के बाद भी भाजपा के पक्ष में मंत्री उपेंद्र तिवारी एक भी सीट नहीं जीता पाए। धुर विरोधी अंबिका चौधरी के पुत्र आनन्द चौधरी को हराने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकी, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इतना ही नहीं उनकी विशेष पहल पर ही सुभासपा से चुनाव जीत जिला पंचायत सदस्य बनीं सुप्रिया चौधरी को भाजपा में शामिल करा कर पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव भी वो हार गईं। सूत्रों की मानें को चुनाव में फेफना विधानसभा के सात सदस्यों में छह सदस्य आनन्द चौधरी के साथ दिखे। इससे उपेंद्र तिवारी की साख भी प्रभावित होती दिख रही है।