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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   After the death of husband insurance company did not give insurance amount after 14 years decision

UP: पति की मौत के बाद इंश्योरेंस कंपनी ने नहीं दी बीमा राशि, 14 साल बाद बाए फैसले से छलक उठे खुशी के आंसू

Sat, 07 Jun 2025 08:50 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 07 Jun 2025 08:50 PM IST
सार

बलिया जिले में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को वादी महिला को बीमा राशि का भुगतान ब्याज के साथ करना होगा। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने यह निर्देश जारी किया है। 14 साल बाद मिले न्याय से महिला खुशी दिखी। उसे अपने पति की माैत का गम भी था।

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After the death of husband insurance company did not give insurance amount after 14 years decision
कंपनी को देनी होगी बीमा राशि। - फोटो : Istock

विस्तार

बलिया के न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा राशि के मामले में सुनवाई करते हुए इंश्योरेंस कंपनी को तीन लाख रुपये वादी महिला को देने का आदेश दिया है। मामला 14 साल पुराना है।

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न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष रामचंद्र, सदस्य दिनेश गुप्ता व सुषमा पांडेय ने वाद संख्या 290 वर्ष 2010 के मामले में फैसला सुनाया है। उन्होंने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को वादी लीलावती देवी को बीमा की राशि तीन लाख रुपये का भुगतान व वाद दाखिल की तिथि से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से देने को आदेश दिया। मानसिक पीड़ा व आर्थिक क्षति के मद में पांच हजार देने व निर्धारित अवधि में पैसा नहीं देने पर संपूर्ण धनराशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का फैसला सुनाया।

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बैरिया क्षेत्र के रानीगंज के जवाहर टोला गांव निवासी लीलावती देवी के पति ओमप्रकाश की मौत 31 जनवरी 2010 को हो गई। पति ने अपना बीमा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लि. से तीन लाख का कराया था। 25 फरवरी 2010 को पति के बीमा की धनराशि की प्राप्ति के लिए शाखा प्रबंधक नेशनल इन्श्योरेंस के कार्यालय में आवेदन किया था। लेकिन बीमा की धनराशि का भुगतान नहीं किया गया। लीलावती देवी ने परेशान होकर 2010 में ही उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में आवेदन दाखिल किया था।

आयोग ने फैसला में कहा कि पत्रावली में उपलब्ध अभिलेखों से यह स्पष्ट होता है कि परिवादिनी के पति का बीमा विपक्षी बीमा कंपनी ने किया है। परिवादिनी के पति की मौत 30 जनवरी 2010 को हो गई थी। बीमा के अनुसार क्लेम कंपनी द्वारा देय है।

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