{"_id":"60df3ba88ebc3ecba16ef4ed","slug":"a-balanced-diet-is-a-means-of-prevention-from-diseases-dr-siddharthamani-ballia-news-vns598264956","type":"story","status":"publish","title_hn":"संतुलित आहार बीमारियों से बचाव का साधन : डॉ. सिद्धार्थमणि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संतुलित आहार बीमारियों से बचाव का साधन : डॉ. सिद्धार्थमणि
विज्ञापन
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र के तत्वावधान में शुक्रवार को महिला एवं बाल कुपोषण: कारण एवं निदान विषय पर आनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थमणि दुबे रहे।
उन्होंने कहा कि संतुलित आहार को अपनाकर महिला एवं बाल कुपोषण और उससे उपजी बीमारियों से बचा जा सकता है। संतुलित आहार में कार्बोहाइड्रेट के अतिरिक्त प्रोटीन एवं वसा तो अनुपात में होना ही चाहिए, इसके साथ फल और सब्जियां भी पर्याप्त मात्रा में लेनी चाहिए।
कोरोना के असर से बच्चे अपने मजबूत प्रतिरक्षा तंत्र के कारण ही बच सके हैं। बढ़ते बच्चों, गर्भवती तथा धात्री महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कुलपति प्रो. कल्पलता पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने सामाजिक दायित्वों को पूरा करने हेतु प्रतिबद्ध है। महिला अध्ययन केंद्र की सहायता से विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं तक पहुंचेंगे और उनकी समस्याओं के निदान के लिए हर संभव प्रयत्न करेंगे। गोष्ठी का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अपराजिता उपाध्याय तथा प्रश्नोत्तरी सत्र का संचालन डॉ. निवेदिता श्रीवास्तव ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि संतुलित आहार को अपनाकर महिला एवं बाल कुपोषण और उससे उपजी बीमारियों से बचा जा सकता है। संतुलित आहार में कार्बोहाइड्रेट के अतिरिक्त प्रोटीन एवं वसा तो अनुपात में होना ही चाहिए, इसके साथ फल और सब्जियां भी पर्याप्त मात्रा में लेनी चाहिए।
विज्ञापन
कोरोना के असर से बच्चे अपने मजबूत प्रतिरक्षा तंत्र के कारण ही बच सके हैं। बढ़ते बच्चों, गर्भवती तथा धात्री महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कुलपति प्रो. कल्पलता पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने सामाजिक दायित्वों को पूरा करने हेतु प्रतिबद्ध है। महिला अध्ययन केंद्र की सहायता से विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं तक पहुंचेंगे और उनकी समस्याओं के निदान के लिए हर संभव प्रयत्न करेंगे। गोष्ठी का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अपराजिता उपाध्याय तथा प्रश्नोत्तरी सत्र का संचालन डॉ. निवेदिता श्रीवास्तव ने किया।
विज्ञापन