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वाराणसी-छपरा रेल मार्ग पर गोन्हिया गांव के पास तीन बोगियां उतरीं
Ballia
Updated Wed, 03 Dec 2014 05:30 AM IST
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बैरिया। बलिया-छपरा रेलमार्ग पर गोन्हिया छपरा गांव के पास मालगाड़ी की तीन बोगियां मंगलवार की सुबह पटरी से उतर गईं। इससे छपरा से बलिया आने वाली करीब आधा दर्जन एक्सप्रेस ट्रेनों का रूट बदलना पड़ा। एक्सप्रेस ट्रेनों को सिवान, भटनी, मऊ के रास्ते गुजारा गया। वहीं दो पैसेंजर ट्रेनों को बलिया रेलवे स्टेशन पर ही रोक दिया गया। वाराणसी आने वाली एक्सप्रेस ट्रेन का भी रूट बदलकर रवाना किया गया। वाराणसी से छपरा होते हुए सीतामढ़ी गेहूं लेकर जा रही मालगाड़ी करीब सुबह छह बजे बेपटरी हो गई थी। घटना के बाद पटरी दुरुस्त करने में महकमे के लोग जुट गए। अपराह्न 3.05 बजे पटरी दुरुस्त कर ली गई। 3.15 बजे पहली ट्रेन डाउन सेनानी एक्सप्रेस को रूट से गुजारा गया। वाराणसी से दुर्घटना राहत ट्रेन और छपरा से लूक्सयान मरम्मत के सामान और कर्मचारियों को लेकर पहुंची थीं।
वाराणसी-छपरा रेल मार्ग के गोन्हिया छपरा गांव के सामने रेल पटरी पर पुलिया बनाने के लिए सोमवार को दो किमी तक दूसरी रेल पटरी बिछाकर ट्रेनों के डाइवर्जन की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान सभी ट्रेनों को वहां से 15 किमी की रफ्तार से चलने का निर्देश दिया गया था। मंगलवार की सुबह अप इंटरसिटी एक्सप्रेस कासन पर निकल गई। इसके कुछ ही देर बाद मालगाड़ी डाइवर्जन वाले प्वांइट से जैसे ही आगे बढ़ी, तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। इस दौरान करीब 100 मीटर तक बोगियां घिसटती हुई आगे निकल गईं। गार्ड रामनिवास ने इसकी सूचना ट्रेन चालक को दी। चालक ने ट्रेन को रोका और वाराणसी कंट्रोल रूम को अवगत कराया। इसके बाद चालक प्रभात कुमार सिन्हा मालगाड़ी से लगी अन्य 35 बोगियां को लेकर छपरा के लिए रवाना हो गया। दो घंटे बाद बलिया तथा छपरा से पहुंचे इंजीनियरों की टीम ने डाइवर्जन के लिए बनाए गए लिंक रूट को मेन रूट में जोड़ने का काम शुरू कर दिया। करीब नौ बजे छपरा से लूक्स वान ट्रेन मरम्मत के लिए सामान और कर्मचारियों को लेकर मौके पर पहुंच गया। इस दौरान 11.15 बजे वाराणसी से दुर्घटना राहत ट्रेन भी मौके पर पहुंच गई। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण डाउन साबरमती एक्सप्रेस को मऊ-भटनी के रास्ते गुजारा गया। डाउन उत्सर्ग एक्सप्रेस को बलिया से वापस कर मऊ-भटनी के रास्ते छपरा के लिए रवाना किया गया। अप लाइन की ताप्ती गंगा एक्सप्रेस को छपरा से भटनी, मऊ के रास्ते, अप सारनाथ एक्सप्रेस को भटनी, मऊ-औडि़हार रूट से रवाना किया गया। अप लाइन की बलिया-सियालदह एक्सप्रेस को छपरा से ही डाउन बनाकर सियालदह के लिए रवाना कर दिया गया। इसके साथ ही 55018 तथा 55014 सवारी गाड़ी को बलिया रेलवे स्टेशन पर ही रोक दिया गया। जबकि 55013 और 55131 सवारी गाड़ी को छपरा के बजाय बलिया से ही चलाया गया। करीब नौ घंटे की मशक्कत के बाद 3.15 बजे रेल पटरी दुरुस्त होने के बाद पहली डाउन सेनानी एक्सप्रेस को छपरा-बलिया मार्ग से गुजारा गया। उधर पुलिया बनाने का कार्य तत्काल में रोक दिया गया है।
रेल प्रशासन ने बैठाई जांच
बैरिया। बलिया से पहुंचे सीनियर सेक्सन इंजीनियर आरके चौहान और चीफ पीडब्लूडीआई एके प्रजापति ने बताया कि डाइवर्जन में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। प्रकरण की रेल प्रशासन ने जांच बैठा दी है। टीम तीन बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जाएगी। घटना को लेकर मालगाड़ी का ओवरलोड होना, मालगाड़ी के पहिये में खराबी और ट्रैक का खराब होना संभव है।
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वाराणसी-छपरा रेल मार्ग के गोन्हिया छपरा गांव के सामने रेल पटरी पर पुलिया बनाने के लिए सोमवार को दो किमी तक दूसरी रेल पटरी बिछाकर ट्रेनों के डाइवर्जन की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान सभी ट्रेनों को वहां से 15 किमी की रफ्तार से चलने का निर्देश दिया गया था। मंगलवार की सुबह अप इंटरसिटी एक्सप्रेस कासन पर निकल गई। इसके कुछ ही देर बाद मालगाड़ी डाइवर्जन वाले प्वांइट से जैसे ही आगे बढ़ी, तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। इस दौरान करीब 100 मीटर तक बोगियां घिसटती हुई आगे निकल गईं। गार्ड रामनिवास ने इसकी सूचना ट्रेन चालक को दी। चालक ने ट्रेन को रोका और वाराणसी कंट्रोल रूम को अवगत कराया। इसके बाद चालक प्रभात कुमार सिन्हा मालगाड़ी से लगी अन्य 35 बोगियां को लेकर छपरा के लिए रवाना हो गया। दो घंटे बाद बलिया तथा छपरा से पहुंचे इंजीनियरों की टीम ने डाइवर्जन के लिए बनाए गए लिंक रूट को मेन रूट में जोड़ने का काम शुरू कर दिया। करीब नौ बजे छपरा से लूक्स वान ट्रेन मरम्मत के लिए सामान और कर्मचारियों को लेकर मौके पर पहुंच गया। इस दौरान 11.15 बजे वाराणसी से दुर्घटना राहत ट्रेन भी मौके पर पहुंच गई। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण डाउन साबरमती एक्सप्रेस को मऊ-भटनी के रास्ते गुजारा गया। डाउन उत्सर्ग एक्सप्रेस को बलिया से वापस कर मऊ-भटनी के रास्ते छपरा के लिए रवाना किया गया। अप लाइन की ताप्ती गंगा एक्सप्रेस को छपरा से भटनी, मऊ के रास्ते, अप सारनाथ एक्सप्रेस को भटनी, मऊ-औडि़हार रूट से रवाना किया गया। अप लाइन की बलिया-सियालदह एक्सप्रेस को छपरा से ही डाउन बनाकर सियालदह के लिए रवाना कर दिया गया। इसके साथ ही 55018 तथा 55014 सवारी गाड़ी को बलिया रेलवे स्टेशन पर ही रोक दिया गया। जबकि 55013 और 55131 सवारी गाड़ी को छपरा के बजाय बलिया से ही चलाया गया। करीब नौ घंटे की मशक्कत के बाद 3.15 बजे रेल पटरी दुरुस्त होने के बाद पहली डाउन सेनानी एक्सप्रेस को छपरा-बलिया मार्ग से गुजारा गया। उधर पुलिया बनाने का कार्य तत्काल में रोक दिया गया है।
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रेल प्रशासन ने बैठाई जांच
बैरिया। बलिया से पहुंचे सीनियर सेक्सन इंजीनियर आरके चौहान और चीफ पीडब्लूडीआई एके प्रजापति ने बताया कि डाइवर्जन में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। प्रकरण की रेल प्रशासन ने जांच बैठा दी है। टीम तीन बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जाएगी। घटना को लेकर मालगाड़ी का ओवरलोड होना, मालगाड़ी के पहिये में खराबी और ट्रैक का खराब होना संभव है।
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