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आपरेशन के दौरान पेट में छोड़ दिया क्लिप
Ballia
Updated Sat, 29 Mar 2014 05:31 AM IST
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बलिया। बांसडीह कोतवाली थाने के कस्बा निवासी राजकुमार दूबे ने गुरुवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मंसूर अहमद को पत्रक सौंपा। इसमें उसने अपनी मां के आपरेशन के दौरान एक निजी अस्पताल के चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया। उसका कहना है कि आपरेशन के दौरान चिकित्सक ने उसकी मां के पेट में लोहे की क्लिप छोड़ दी थी। उसने दोषी चिकित्सक समेत अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की मांग की। साथ ही चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई।
पीड़ित का आरोप है कि उसकी 55 वर्षीय माता उर्मिला देवी का सिटी हास्पिटल के चिकित्सक डा. एके गुप्ता ने गालब्लाडर में पथरी का आपरेशन किया थ्ाा। पुन: गंभीर हालत में चिकित्सक से दिखाने पर बताया गया कि मां को पीलिया हो गया है। फिर से अल्ट्रा साउंड में चिकित्सक ने कुछ पथरी होने की बात बतायी और दुबारा आपरेशन करने को कहा। वहीं बाद में चिकित्सक ने कहा कि पीलिया की वजह से आपरेशन संभव नहीं है। संदेह होने पर मैं अपनी माता को सर सुंदरलालचिकित्सालय (बीएचयू) में भर्ती करवाया। जहां चिकित्सकों द्वारा 18 फरवरी को आपरेशन किया गया। इस दौरान मां की पेट से छह आयरन क्लिप निकाले गए। वहीं डा. एके गुप्ता का कहना है कि मुझे याद नहीं है कि मरीज का ऑपरेशन किसी विधि से किया गया था। हमारे खिलाफ लगाए गए आरोप गलत है।
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पीड़ित का आरोप है कि उसकी 55 वर्षीय माता उर्मिला देवी का सिटी हास्पिटल के चिकित्सक डा. एके गुप्ता ने गालब्लाडर में पथरी का आपरेशन किया थ्ाा। पुन: गंभीर हालत में चिकित्सक से दिखाने पर बताया गया कि मां को पीलिया हो गया है। फिर से अल्ट्रा साउंड में चिकित्सक ने कुछ पथरी होने की बात बतायी और दुबारा आपरेशन करने को कहा। वहीं बाद में चिकित्सक ने कहा कि पीलिया की वजह से आपरेशन संभव नहीं है। संदेह होने पर मैं अपनी माता को सर सुंदरलालचिकित्सालय (बीएचयू) में भर्ती करवाया। जहां चिकित्सकों द्वारा 18 फरवरी को आपरेशन किया गया। इस दौरान मां की पेट से छह आयरन क्लिप निकाले गए। वहीं डा. एके गुप्ता का कहना है कि मुझे याद नहीं है कि मरीज का ऑपरेशन किसी विधि से किया गया था। हमारे खिलाफ लगाए गए आरोप गलत है।
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