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लोक अदालत में आपसी सुलह-समझौते से निपटाए गए 2747 मामले
Updated Sat, 10 Feb 2018 11:13 PM IST
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बलिया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में सिविल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 2747 वादों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से कराया गया। जिले के कई बैंकों की ओर से भी स्टाल लगाकर वादों का निपटारा कराया गया।
प्रभारी जनपद न्यायाधीश विनोद कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी न्यायालयों में वादों का निपटारा कराया गया। एडीजे द्वितीय विनोद कुमार सिंह की अदालत में चार फौजदारी और पांच मोटर क्लेम के मुकदमों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर कराया गया। जिसमें 7500 रुपये का अर्थदंड जमा कराया गया। पंचम अपर जिला जज विनोद कुुमार की अदालत चार फौजदारी वाद एवं तीन सिविल वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें 2200 रुपये अर्थदंड वसूले गए। विशेष अपर जनपद न्यायाधीश नरेंद्र सिंह की अदालत में दो सिविल वादों का निपटारा किया गया। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश चंद्रभान सिंह की अदालत में एक फौजदारी, दो मोटर क्लेम वादों के साथ ही सात लाख 70 हजार प्रतिकर दिलाया गया।
परिवार न्यायालय के न्यायाधीश आलोक पराशर की अदालत में 22 वादों का निपटारा आपसी सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया। जबकि एफटीसी द्वितीय बी केनेडी लाल की अदालत से मोटर क्लेम के दो वादों के निपटारे के साथ ही चार लाख 40 हजार प्रतिकर दिलाया गया। इसी क्रम में एफटीसी तृतीय मनोरमा की अदालत में आठ वादों का निपटारा किया गया। जबकि सीजेएम अमित मालवीय की अदालत में 260 वादों का निपटारा करते हुए 15690 रुपये अर्थदंड जमा कराए गए। इसके अलावा कई मजिस्ट्रेटों की अदालतों में मुकदमों का निपटारा कराने के साथ अर्थदंड जमा कराए गए। कोर्ट के माध्यम से कुल 1052 वाद और 99550 रुपये अर्थदंड जमा कराए गए। जबकि राजस्व विभागों में कुल 901 फौजदारी और 362 राजस्व वादों का निपटारा कराया गया। जबकि चकबंदी के 69 अन्य सात, जेजे बोर्ड छह वादों का निपटारा कराया गया। बैंकों द्वारा 299 वादों का निपटारा कराने के साथ ही 46 लाख 26 हजार 579 रुपये की वसूली की गई। वहीं दूरसंचार विभाग द्वारा 51 वादों के निपटारे के साथ ही दो लाख 95 हजार जमा कराए गए। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक की ओर से स्टाल लगाए गए थे।
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प्रभारी जनपद न्यायाधीश विनोद कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी न्यायालयों में वादों का निपटारा कराया गया। एडीजे द्वितीय विनोद कुमार सिंह की अदालत में चार फौजदारी और पांच मोटर क्लेम के मुकदमों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर कराया गया। जिसमें 7500 रुपये का अर्थदंड जमा कराया गया। पंचम अपर जिला जज विनोद कुुमार की अदालत चार फौजदारी वाद एवं तीन सिविल वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें 2200 रुपये अर्थदंड वसूले गए। विशेष अपर जनपद न्यायाधीश नरेंद्र सिंह की अदालत में दो सिविल वादों का निपटारा किया गया। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश चंद्रभान सिंह की अदालत में एक फौजदारी, दो मोटर क्लेम वादों के साथ ही सात लाख 70 हजार प्रतिकर दिलाया गया।
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परिवार न्यायालय के न्यायाधीश आलोक पराशर की अदालत में 22 वादों का निपटारा आपसी सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया। जबकि एफटीसी द्वितीय बी केनेडी लाल की अदालत से मोटर क्लेम के दो वादों के निपटारे के साथ ही चार लाख 40 हजार प्रतिकर दिलाया गया। इसी क्रम में एफटीसी तृतीय मनोरमा की अदालत में आठ वादों का निपटारा किया गया। जबकि सीजेएम अमित मालवीय की अदालत में 260 वादों का निपटारा करते हुए 15690 रुपये अर्थदंड जमा कराए गए। इसके अलावा कई मजिस्ट्रेटों की अदालतों में मुकदमों का निपटारा कराने के साथ अर्थदंड जमा कराए गए। कोर्ट के माध्यम से कुल 1052 वाद और 99550 रुपये अर्थदंड जमा कराए गए। जबकि राजस्व विभागों में कुल 901 फौजदारी और 362 राजस्व वादों का निपटारा कराया गया। जबकि चकबंदी के 69 अन्य सात, जेजे बोर्ड छह वादों का निपटारा कराया गया। बैंकों द्वारा 299 वादों का निपटारा कराने के साथ ही 46 लाख 26 हजार 579 रुपये की वसूली की गई। वहीं दूरसंचार विभाग द्वारा 51 वादों के निपटारे के साथ ही दो लाख 95 हजार जमा कराए गए। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक की ओर से स्टाल लगाए गए थे।
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