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22 माह बाद भी लोगों को नहीं मिला राशनकार्ड
Updated Wed, 31 Jan 2018 11:16 PM IST
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बलिया। जिले में 22 माह पहले एनएफएसए (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) लागू होने के बाद भी अभी तक लाभार्थियों को राशन कार्ड मुहैया नहीं कराए जा सके हैं। पूर्व की सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए राशनकार्ड को अमान्य करने के बाद से ही इसकी प्रक्रिया शिथिल पड़ी हुई है। सत्यापन के नाम पर कार्डधारकों के नाम काटने व जोड़ने का सिलसिला जारी है।
जनपद में केवल दो तरह के ही राशन कार्डधारक हैं। इसमें अंत्योदय के एक लाख एक हजार 701 तथा पात्र गृहस्थी के चार लाख 95 हजार 427 कार्डधारक हैं। बताया जाता है कि करीब आठ माह पहले शासन की ओर से सभी तरह के राशन कार्डों के सत्यापन का निर्देश दिया गया था और पूर्व की सरकार की ओर से राशनकार्ड के वितरण पर भी रोक लगा दी गई थी। लेकिन आठ माह बाद भी गई गांवों का सत्यापन नहीं हो सका है।
जिला पूर्ति अधिकारी की मानें तो राशन कार्डों के सत्यापन का कार्य अंतिम दौर में है। आलम यह है कि सत्यापन के नाम पर सूची से नाम हटाने व जोड़ने का खेल जारी है और इसको लेकर आए दिन किसी न किसी गांव के ग्रामीणों की ओर से अधिकारियों तक शिकायतें पहुंचती हैं। राशनकार्ड नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को राशन के उठान के लिए भी परेशान होना पड़ता है। डीएसओ विनय कुमार सिंह का कहना है कि राशनकार्ड सत्यापन करने की जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लाकों व शहरी क्षेत्रों में संबंधत नगर निकायों को दी गई है। अब सत्यापन का कार्य अंतिम दौर में है। शासन के निर्देश पर राशनकार्ड वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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जनपद में केवल दो तरह के ही राशन कार्डधारक हैं। इसमें अंत्योदय के एक लाख एक हजार 701 तथा पात्र गृहस्थी के चार लाख 95 हजार 427 कार्डधारक हैं। बताया जाता है कि करीब आठ माह पहले शासन की ओर से सभी तरह के राशन कार्डों के सत्यापन का निर्देश दिया गया था और पूर्व की सरकार की ओर से राशनकार्ड के वितरण पर भी रोक लगा दी गई थी। लेकिन आठ माह बाद भी गई गांवों का सत्यापन नहीं हो सका है।
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जिला पूर्ति अधिकारी की मानें तो राशन कार्डों के सत्यापन का कार्य अंतिम दौर में है। आलम यह है कि सत्यापन के नाम पर सूची से नाम हटाने व जोड़ने का खेल जारी है और इसको लेकर आए दिन किसी न किसी गांव के ग्रामीणों की ओर से अधिकारियों तक शिकायतें पहुंचती हैं। राशनकार्ड नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को राशन के उठान के लिए भी परेशान होना पड़ता है। डीएसओ विनय कुमार सिंह का कहना है कि राशनकार्ड सत्यापन करने की जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लाकों व शहरी क्षेत्रों में संबंधत नगर निकायों को दी गई है। अब सत्यापन का कार्य अंतिम दौर में है। शासन के निर्देश पर राशनकार्ड वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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