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काश्तकारों ने उखाड़ा नपा का टेंट
Updated Fri, 09 Nov 2018 11:49 PM IST
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बलिया। ददरी मेले के तहत लगने वाले नंदीग्राम पशु मेला तथा मीना बाजार मेला के लिए जमीन देने वाले काश्तकारों ने मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर मुखर हो गए। इस दौरान काश्तकारों ने नंदी मेला के लिए नगरपालिका की ओर से लगाए गए कार्यालय के टेंट को उखाड़ दिया। उनकी मांग थी कि करीब दो दशक से सिर्फ 1200 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से ही उन्हें जमीन का मुआवजा मिलता है, जो महंगाई के हिसाब से काफी कम है। उन्होंने 15 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा की मांग की है। सदर एसडीएम ने सोमवार को जिलाधिकारी की मौजूदगी में इस पर विचार करने का आश्वासन दिया है, जिस पर काश्तकार शांत हुए।
नंदीग्राम पशु मेले की शुरुआत बिना काश्तकारों से जमीन का अधिग्रहण कराए ही नपा प्रशासन ने शुरू करा दिया। इस बार क्षेत्र के काश्तकारों को विश्वास में नहीं लिया गया। जबकि काश्तकारों ने मेला लगने से 10 दिन पहले जिलाधिकारी से मिलकर जमीन का मुआवजा 1200 की जगह 15000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से देने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था। जिलाधिकारी ने नगरपालिका प्रशासन को पत्र भेज दिया था लेकिन नपा प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। मांगों पर कोई ध्यान न देने पर गुरुवार की दोपहर नंदीग्राम पशु मेले के नपा कार्यालय पहुंचे काश्तकारों ने टेंट खोलकर फेंकना शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही नगरपालिका अध्यक्ष अजय कुमार और अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा मौके पर पहुंच गए। काफी देर तक काश्तकारों से बातचीत होने के बाद भी जब मामला नहीं सुलझा तो इसकी जानकारी अधिशासी अधिकारी ने एसडीएम सदर को दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने किसी तरह काश्तकारों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। उन्होंने काश्तकारों से कहा कि सोमवार को जिलाधिकारी के समक्ष इस प्रकरण को रखा जाएगा। इसके बाद काश्तकार शांत हो गए। हालांकि काश्तकारों का कहना है कि अगर नगरपालिका प्रशासन हम लोगों की बातें नहीं मानती है तो हम किसी भी हालत में नंदीग्राम पशु मेला चलने नहीं देंगे। इस मौके पर अधिवक्ता रामजी चौबे, शिवजी चौबे, शांतनु, सीताराम, असलम, लालबाबू, ललन पांडेय,दारा सिंह, मुन्ना सिंह, बड़क मिश्रा, सुरेंद्र मिश्रा, मुंशी खान, उमेर अहमद आदि मौजूद रहे।
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नंदीग्राम पशु मेले की शुरुआत बिना काश्तकारों से जमीन का अधिग्रहण कराए ही नपा प्रशासन ने शुरू करा दिया। इस बार क्षेत्र के काश्तकारों को विश्वास में नहीं लिया गया। जबकि काश्तकारों ने मेला लगने से 10 दिन पहले जिलाधिकारी से मिलकर जमीन का मुआवजा 1200 की जगह 15000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से देने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था। जिलाधिकारी ने नगरपालिका प्रशासन को पत्र भेज दिया था लेकिन नपा प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। मांगों पर कोई ध्यान न देने पर गुरुवार की दोपहर नंदीग्राम पशु मेले के नपा कार्यालय पहुंचे काश्तकारों ने टेंट खोलकर फेंकना शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही नगरपालिका अध्यक्ष अजय कुमार और अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा मौके पर पहुंच गए। काफी देर तक काश्तकारों से बातचीत होने के बाद भी जब मामला नहीं सुलझा तो इसकी जानकारी अधिशासी अधिकारी ने एसडीएम सदर को दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने किसी तरह काश्तकारों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। उन्होंने काश्तकारों से कहा कि सोमवार को जिलाधिकारी के समक्ष इस प्रकरण को रखा जाएगा। इसके बाद काश्तकार शांत हो गए। हालांकि काश्तकारों का कहना है कि अगर नगरपालिका प्रशासन हम लोगों की बातें नहीं मानती है तो हम किसी भी हालत में नंदीग्राम पशु मेला चलने नहीं देंगे। इस मौके पर अधिवक्ता रामजी चौबे, शिवजी चौबे, शांतनु, सीताराम, असलम, लालबाबू, ललन पांडेय,दारा सिंह, मुन्ना सिंह, बड़क मिश्रा, सुरेंद्र मिश्रा, मुंशी खान, उमेर अहमद आदि मौजूद रहे।
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