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सांस्कृतिक और खेलकूद कार्यक्रम स् थगित
Updated Fri, 17 Nov 2017 10:58 PM IST
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बलिया। ददरी मेला के मीना बाजार में बने भारतेंदु मंच और खेल मैदान के तैयार होने के बाद ही जिला प्रशासन की ओर से सभी सांस्कृतिक और खेलकूद जैसे कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। इसको लेकर जिले में चर्चाओं का बाजार गरम है। खासकर युवाओं में इसे लेकर मायूसी है।
ददरी मेला में करीब 20 दिनों तक दिन में मेला चलता है। जिसमें लोग दिन में विभिन्न प्रकार के सामानों की खरीद फरोख्त करते हैं। जबकि एक दो दिन का अंतराल देकर बीच-बीच में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कराए जाते रहे है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए कई दशक पहले कवि भारतेंदु के युग में उनके द्वारा इस भारतेंदु मंच का आयोजन किया गया। तभी से परंपरा के मुताबिक हर साल भारतेंदु मंच प्रवचन, दंगल, कवि सम्मेलन, मुशायरा, ददरी महोत्सव का आयोजन किया जाता रहा है। कई बार विस चुनाव से लेकर ग्राम पंचायत और नगर निकाय के चुनाव भी ददरी मेले के समय पड़ जाते थे। फिर भी कभी भारतेंदु मंच की परंपरा को ठेस नहीं लगा। इस बार भी नगर निकाय का चुनाव होने को है। लेकिन इस बार जिला प्रशासन ने ऐन वक्त पर भारतेंदु मंच पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को चुनाव का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया। जिससे पुरानी परंपरा से लगाव रखने वाले लोगों को जहां मायूस होना पड़ा।
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ददरी मेला में करीब 20 दिनों तक दिन में मेला चलता है। जिसमें लोग दिन में विभिन्न प्रकार के सामानों की खरीद फरोख्त करते हैं। जबकि एक दो दिन का अंतराल देकर बीच-बीच में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कराए जाते रहे है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए कई दशक पहले कवि भारतेंदु के युग में उनके द्वारा इस भारतेंदु मंच का आयोजन किया गया। तभी से परंपरा के मुताबिक हर साल भारतेंदु मंच प्रवचन, दंगल, कवि सम्मेलन, मुशायरा, ददरी महोत्सव का आयोजन किया जाता रहा है। कई बार विस चुनाव से लेकर ग्राम पंचायत और नगर निकाय के चुनाव भी ददरी मेले के समय पड़ जाते थे। फिर भी कभी भारतेंदु मंच की परंपरा को ठेस नहीं लगा। इस बार भी नगर निकाय का चुनाव होने को है। लेकिन इस बार जिला प्रशासन ने ऐन वक्त पर भारतेंदु मंच पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को चुनाव का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया। जिससे पुरानी परंपरा से लगाव रखने वाले लोगों को जहां मायूस होना पड़ा।
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