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अधिवक्ताओं ने की एसओ फेफना के निलंबन की मांग
Updated Tue, 22 Aug 2017 11:31 PM IST
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बलिया। दि सिविल बार एसोसिएशन के सभागार में मंगलवार को दि सिविल बार, क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार, कलेक्ट्रेट बार और जूनियर बार एसोशिएशन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिवक्ता जितेंद्र कुमार दुबे व उनके परिवार के महिला सदस्यों का उत्पीड़न तथा उनके साथ हुए दुर्व्यवहार पर विचार विमर्श किया गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि फेफना एसओ अनिल चंद तिवारी ने अधिवक्ता को घर से घसीटते हुए थाने ले गए और थाने में प्रताड़ित किया। यह भी आरोप लगाया कि अधिवक्ता के हाथ में हथकड़ी लगाकर न्यायालय लाया गया। इसको लेकर न्यायिक कार्य से विरत रहे और एसओ फेफना को निलंबित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ताओं ने प्रस्ताव की प्रति मुख्यमंत्री, उच्च न्यायालय, गृह सचिव तथा डीजीपी को भेजने का निर्णय लिया। बैठक में क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार के अध्यक्ष हरिवंश सिंह, जूनियर बार के अध्यक्ष सतीश मिश्र, दि सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार दुबे, विवेकानंद पांडेय आदि थे।
सिविल कोर्ट के अधिवक्ता मनोज कुमार तिवारी ने राष्ट्रपति को पत्रक भेजकर जिले में पूर्व में तैनात रहे पुलिस अधीक्षक मनोज प्रभाकर जिले में तैनात करने की मांग की है। तिवारी ने बताया कि उनके कार्यकाल में जिले में अपराध के साथ ही गलत तरीके से होने वाले कार्योँ पर रोक लग गई थी।
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सिविल कोर्ट के अधिवक्ता मनोज कुमार तिवारी ने राष्ट्रपति को पत्रक भेजकर जिले में पूर्व में तैनात रहे पुलिस अधीक्षक मनोज प्रभाकर जिले में तैनात करने की मांग की है। तिवारी ने बताया कि उनके कार्यकाल में जिले में अपराध के साथ ही गलत तरीके से होने वाले कार्योँ पर रोक लग गई थी।
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