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कई बार जमा कराए फार्म, नहीं बना राशन कार्ड
Updated Fri, 15 Dec 2017 10:57 PM IST
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जयप्रकाशनगर। द्वाबा क्षेत्र में राशन कार्ड को लेकर लोग काफी समय से परेशान हैं। राशन कार्ड को लेकर आज तक काफी संख्या में लोगों को न राशन कार्ड मिला और न ही सूची में उनका नाम ही अंकित हो पाया है। लोगों की माने तो इसमें भी उन्हीं लोगों का नाम दर्ज हुआ है जो जुगाड़ वाले हैं ।
द्वाबा क्षेत्र में राशन कार्ड को लेकर विगत करीब 5 वर्षों से लगातार करीब दस बार फार्म भरवाए जा चुके हैं। राशनकार्ड बनवाने के लिए लोगों को फोटो के साथ-साथ अन्य कागजात जुटाकर जमा करने में कुल करीब एक सौ रुपये से लेकर चार सौ रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं। बावजूद इनका न राशन कार्ड ही बना न इनका सूची में ही नाम दर्ज हो सका।
प्रीतम छपरा निवासी जगपति राम का कहना है कि मैं राशन कार्ड बनवाने के लिए अब तक चार बार फार्म भर कर जमा कर चुके हैं। तीन सौ रुपये खर्च हुए लेकिन राशन कार्ड नहीं बन सका। डोमन राय टोला निवासी रामकुमार सिंह का कहना है कि पूरे तहसील क्षेत्र में राशनकार्ड बनवाने के लिए कई बार फार्म भरवाए जा चुके है। लेकिन राशनकार्ड के सूची में उन्ही लोगों का नाम दिख रहा है जो सुविधा शुल्क दिए हो या कोटेदारो के चहेते है ।
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कर्ण छपरा निवासी दुर्गविजय सिंह झलन का कहना है कि राशनकार्ड में अधिकतर कोटेदार कालाबाजारी कर मोटी रकम ऐंठने के लिए कम्प्यूटर पर नाम दर्ज करने वाले बाबुओं से मिलकर गलत नाम दर्ज करवा ले रहे हैं। सोनबरसा गाव निवासी मनोज कुमार ओझा का कहना है कि आज तक वर्षो से राशनकार्ड के बनवाने के लिए कई बार फार्म भरवाए जा चुके है। लेकिन क्षेत्र के अधिकाधिक बाशिंदों का फार्म ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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द्वाबा क्षेत्र में राशन कार्ड को लेकर विगत करीब 5 वर्षों से लगातार करीब दस बार फार्म भरवाए जा चुके हैं। राशनकार्ड बनवाने के लिए लोगों को फोटो के साथ-साथ अन्य कागजात जुटाकर जमा करने में कुल करीब एक सौ रुपये से लेकर चार सौ रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं। बावजूद इनका न राशन कार्ड ही बना न इनका सूची में ही नाम दर्ज हो सका।
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प्रीतम छपरा निवासी जगपति राम का कहना है कि मैं राशन कार्ड बनवाने के लिए अब तक चार बार फार्म भर कर जमा कर चुके हैं। तीन सौ रुपये खर्च हुए लेकिन राशन कार्ड नहीं बन सका। डोमन राय टोला निवासी रामकुमार सिंह का कहना है कि पूरे तहसील क्षेत्र में राशनकार्ड बनवाने के लिए कई बार फार्म भरवाए जा चुके है। लेकिन राशनकार्ड के सूची में उन्ही लोगों का नाम दिख रहा है जो सुविधा शुल्क दिए हो या कोटेदारो के चहेते है ।
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कर्ण छपरा निवासी दुर्गविजय सिंह झलन का कहना है कि राशनकार्ड में अधिकतर कोटेदार कालाबाजारी कर मोटी रकम ऐंठने के लिए कम्प्यूटर पर नाम दर्ज करने वाले बाबुओं से मिलकर गलत नाम दर्ज करवा ले रहे हैं। सोनबरसा गाव निवासी मनोज कुमार ओझा का कहना है कि आज तक वर्षो से राशनकार्ड के बनवाने के लिए कई बार फार्म भरवाए जा चुके है। लेकिन क्षेत्र के अधिकाधिक बाशिंदों का फार्म ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।