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उद्यान विभाग : कागजों पर ही चल रही योजनाएं !
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:07 PM IST
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बलिया। किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने तथा उनकी दशा सुधारने को लेकर उद्यान विभाग की ओर से कई योजनाओं का संचालन किया जाता है। लेकिन अधिकतर योजनाएं कागजों पर चलती हैं और पात्र किसानों तक योजना का लाभ नहीं पहुंच पाता है।
लघु एवं सीमांत किसानों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से उद्यान विभाग को बजट उपलब्ध कराया जाता है ताकि बागवानी करने के साथ ही सब्जी भी उगा सकें। क्षेत्रफल के हिसाब से किसानों को अनुदान राशि भी दी जाती है। उद्यान विभाग में सालों से विविध खेती को लेकर गोलमाल किया जा रहा है। हालांकि पूर्व से संचालित कृषि विविधीकरण योजना को बंद कर दिया गया है और वर्तमान में औद्योगिक मिशन योजना का संचालन हो रहा है। वर्ष 2016-17 में शासन की ओर से 55 हेक्टेयर वानिकी का लक्ष्य निर्धारित किया गया। जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार लघु तथा सीमांत 55 किसानों का चयन किया गया और इसके लिए किसानों के खाते में अनुदान की राशि भेजी गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में भी 55 हेक्टेयर में बागवानी लगवाने का प्रावधान है। इसके अलावा उद्यान विभाग की ओर से सबसे बड़ी योजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का संचालन किया जाता है। वर्ष 2016-17 में शासन की ओर से इस योजना के लिए कुल 100 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके लिए शासन की ओर से कुल 20 लाख दिया गया। जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार लक्ष्य के सापेक्ष योजना का संचालन किया गया और किसानों के खाते में बतौर अनुदान प्रति हेक्टेयर आठ हजार रुपए के हिसाब से धनराशि भेजी गई। बताया कि वर्ष 2017-18 के लिए अभी शासन से लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। कहा कि इसके अलावा किसानों के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का संचालन भी किया जाता है। इसके तहत किसानों को सिंचाई के लिए अनुदान पर ड्रीप तथा स्प्रिंकलर उपलब्ध कराया जाता है।
वर्जन=
उद्यान विभाग की ओर से संचालित योजनाएं ऑनलाइन हैं। इसे कोई भी देख सकता है। विभाग की ओर से खासकर लघु तथा सीमांत किसानों का चयन कर उन्हें लाभ दिया जाता है। किसी भी योजना में कोई गड़बड़ी नहीं की गई है।
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= सुभाष कुमार, जिला उद्यान अधिकारी, बलिया
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लघु एवं सीमांत किसानों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से उद्यान विभाग को बजट उपलब्ध कराया जाता है ताकि बागवानी करने के साथ ही सब्जी भी उगा सकें। क्षेत्रफल के हिसाब से किसानों को अनुदान राशि भी दी जाती है। उद्यान विभाग में सालों से विविध खेती को लेकर गोलमाल किया जा रहा है। हालांकि पूर्व से संचालित कृषि विविधीकरण योजना को बंद कर दिया गया है और वर्तमान में औद्योगिक मिशन योजना का संचालन हो रहा है। वर्ष 2016-17 में शासन की ओर से 55 हेक्टेयर वानिकी का लक्ष्य निर्धारित किया गया। जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार लघु तथा सीमांत 55 किसानों का चयन किया गया और इसके लिए किसानों के खाते में अनुदान की राशि भेजी गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में भी 55 हेक्टेयर में बागवानी लगवाने का प्रावधान है। इसके अलावा उद्यान विभाग की ओर से सबसे बड़ी योजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का संचालन किया जाता है। वर्ष 2016-17 में शासन की ओर से इस योजना के लिए कुल 100 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके लिए शासन की ओर से कुल 20 लाख दिया गया। जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार लक्ष्य के सापेक्ष योजना का संचालन किया गया और किसानों के खाते में बतौर अनुदान प्रति हेक्टेयर आठ हजार रुपए के हिसाब से धनराशि भेजी गई। बताया कि वर्ष 2017-18 के लिए अभी शासन से लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। कहा कि इसके अलावा किसानों के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का संचालन भी किया जाता है। इसके तहत किसानों को सिंचाई के लिए अनुदान पर ड्रीप तथा स्प्रिंकलर उपलब्ध कराया जाता है।
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उद्यान विभाग की ओर से संचालित योजनाएं ऑनलाइन हैं। इसे कोई भी देख सकता है। विभाग की ओर से खासकर लघु तथा सीमांत किसानों का चयन कर उन्हें लाभ दिया जाता है। किसी भी योजना में कोई गड़बड़ी नहीं की गई है।
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= सुभाष कुमार, जिला उद्यान अधिकारी, बलिया