{"_id":"594027974f1c1b250b8b464d","slug":"61497376663-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगरा को नगर पंचायत बनाने की कवायत शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगरा को नगर पंचायत बनाने की कवायत शुरू
Updated Tue, 13 Jun 2017 11:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगरा(बलिया)। नगरा को नगर पंचायत बनाने की कवायद एक बार फिर शुरू हो गई है। शासन के निर्देश पर उपजिलाधिकारी रसड़ा बाबूराम सोमवार को देर शाम नगरा डाक बंगले पर बैठक कर नगर पंचायत संबंधिंत जानकारी हासिल की।
नगरा को नगर पंचायत बनाने का वादा पूर्व मंत्री स्व विक्रमादित्य पांडेय ने ढाई दशक पूर्व कि या था। इसके बाद से हर चुनाव में तथा चुनाव बाद नगर पंचायत का ख्वाब ग्राम वासियों को जनप्रतिनिधि दिखाते रहे। नगरा नगर पंचायत नहीं बनी। ढाई दशक में नगरा की आबादी भी दुगुनी हो गई। सड़क के अलावा पानी निकास नगरा बाजार व कस्बा में विकट रूप धारण कर चुकी है। नगरा वासी समस्या को देखकर गम्भीर है। लग रहा है पानी निकास व सड़क आदि की समस्या नगर पंचायत से ही हल हो सकती है। ऐसे में कारोबारियों ने जनप्रतिनिधियों से नगर पंचायत बनाने की मांग तेज कर दी है। जनप्रतिनिधि के पहल पर एसडीएम रसड़ा बाबू राम के अलावे तहसीलदार रसड़ा कानूनगो नगरा व क्षेत्रीय लेखपाल के अलावा ब्लाक प्रमुख नगरा अनिल सिंह, पूर्व प्रधान काशीनाथ जायसवाल, आदि के साथ डांक बंगले पर बैठक की। बैठक में नगरा, चचया, कोटवारी, भंडारी, सराय चावट गांवों को मिलाकर नगर पंचायत बनाने की चर्चा हुई। इन गांवों की आबादी बीस हजार के लगभग हो रही है। बैठक के बाद नगरा वासी एकबार फिर योगी सरकार की ओर टकटकी लगाए है।
विज्ञापन
नगरा को नगर पंचायत बनाने का वादा पूर्व मंत्री स्व विक्रमादित्य पांडेय ने ढाई दशक पूर्व कि या था। इसके बाद से हर चुनाव में तथा चुनाव बाद नगर पंचायत का ख्वाब ग्राम वासियों को जनप्रतिनिधि दिखाते रहे। नगरा नगर पंचायत नहीं बनी। ढाई दशक में नगरा की आबादी भी दुगुनी हो गई। सड़क के अलावा पानी निकास नगरा बाजार व कस्बा में विकट रूप धारण कर चुकी है। नगरा वासी समस्या को देखकर गम्भीर है। लग रहा है पानी निकास व सड़क आदि की समस्या नगर पंचायत से ही हल हो सकती है। ऐसे में कारोबारियों ने जनप्रतिनिधियों से नगर पंचायत बनाने की मांग तेज कर दी है। जनप्रतिनिधि के पहल पर एसडीएम रसड़ा बाबू राम के अलावे तहसीलदार रसड़ा कानूनगो नगरा व क्षेत्रीय लेखपाल के अलावा ब्लाक प्रमुख नगरा अनिल सिंह, पूर्व प्रधान काशीनाथ जायसवाल, आदि के साथ डांक बंगले पर बैठक की। बैठक में नगरा, चचया, कोटवारी, भंडारी, सराय चावट गांवों को मिलाकर नगर पंचायत बनाने की चर्चा हुई। इन गांवों की आबादी बीस हजार के लगभग हो रही है। बैठक के बाद नगरा वासी एकबार फिर योगी सरकार की ओर टकटकी लगाए है।
विज्ञापन