फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   सरकारी योजनाओं पर अधिकारी लापरवाह

सरकारी योजनाओं पर अधिकारी लापरवाह

Wed, 27 Mar 2019 01:19 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 27 Mar 2019 01:19 AM IST
विज्ञापन
सरकारी योजनाओं पर अधिकारी लापरवाह
बैरिया। आम आदमी बीमा योजना के तर्ज पर भूमिहीनों के लिए लागू की गई प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना व प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना फ्लाप साबित हो रही है। तहसील प्रशासन की उदासीनता के चलते भूमिहीनों को इसकी जानकारी नहीं हो पा रही। आंकड़ों पर गौर फरमाएं तो अब तक सिर्फ 14172 भूमिहीनों का ही पंजीकरण किया गया। जबकि आश्चर्य की बात यह है कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना अंतर्गत अब तक एक भी रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ।
विज्ञापन

केन्द्र सरकार प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना अंतर्गत 50 से 59 वर्ष तक के भूमिहीनों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर दो लाख रुपया का लाभ उसके परिवार को देने का प्रावधान है। लेखपाल द्वारा भूमिहीनों का विवरण आनलाइन करने के बाद बीमा धारक को एलआईसी का प्रमाण पत्र भी दिया जाना है। लेकिन आंकड़ों की बात करें तो तहसील प्रशासन एक वर्ष के अंतराल में अब तक प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत सिर्फ 14,172 भूमिहीनों का ही पंजीकरण किया गया है। जबकि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना अंतर्गत एक भी भूमिहीन का पंजीकरण नहीं किया है। तहसील क्षेत्र में 164 मौजा के करीब 01 लाख 68 हजार 0878 किसान हैं। वहीं 03 लाख 44 हजार 179 मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में है। जबकि करीब 01 लाख 75 हजार 295 भूमिहीन हैं। लेकिन तहसील प्रशासन भूमिहीनों को केन्द्र सरकार की योजना का लाभ देने में रुचि नहीं दिखा रही है। ऐसे में अचानक दुर्घटना के शिकार होने के बाद भूमिहीन परिवारों के एक-एक रुपये के लिए भटकना पड़ेगा। जबकि केन्द्र सरकार ऐसे गरीब परिवारों के संकट के समय योजनाओं का लाभ देने के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed