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शब्दों को चुनकर लिखने वाला अनमोल रतन : प्रो. योगेंद्र
Updated Sat, 10 Nov 2018 10:24 PM IST
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बलिया। नगर के बापू भवन टाउन हाल के सभागार में रचनाकार किरण सिंह द्वारा रचित अंत: के स्वर दोहा संग्रह का लोकार्पण कार्यक्रम शनिवार को आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि जननायक चंद्रशेखर विवि के कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह और विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद नीरज शेखर आदि मौजूद रहे।
इस मौके पर कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि शब्दों को चुनकर जो रचनाकार साहित्य लिखता है वह समाज के लिए अनमोल रतन के समान है। उनकी रचनाएं सदियों तक याद की जाती हैं। राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने कहा रचनाकार किरन सिंह ने इस संग्रह में संवेदनाओं और प्रीति की पाती का संयोग किया है वह काफी सराहनीय है। उन्होंने साहित्य को समाज का सच्चा सेवक बताया। इस मौके पर आयोजक रागिनी सिंह और गौरव सिंह ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्यकारों को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्रम से सम्मानित किया। इस मौके पर गढ़वाल विवि के कुलपति लल्लन सिंह, डॉ. विभा मालवीय, पूर्व नपा अध्यक्ष साधना गुप्ता, संजय उपाध्याय, प्रो. अशोक द्विवेदी, भोलानाथ सिंह, अशोक सिंह, विमल पाठक, शशि प्रेमदेव, चंद्रशेखर उपाध्याय, सुनील सिंह, पिंटूूू सिंह, गणेश सिंह, बब्बन विद्यार्थी आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता डॉ. जनार्दन राय तथा विवेकानंद सिंह ने किया।
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इस मौके पर कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि शब्दों को चुनकर जो रचनाकार साहित्य लिखता है वह समाज के लिए अनमोल रतन के समान है। उनकी रचनाएं सदियों तक याद की जाती हैं। राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने कहा रचनाकार किरन सिंह ने इस संग्रह में संवेदनाओं और प्रीति की पाती का संयोग किया है वह काफी सराहनीय है। उन्होंने साहित्य को समाज का सच्चा सेवक बताया। इस मौके पर आयोजक रागिनी सिंह और गौरव सिंह ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्यकारों को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्रम से सम्मानित किया। इस मौके पर गढ़वाल विवि के कुलपति लल्लन सिंह, डॉ. विभा मालवीय, पूर्व नपा अध्यक्ष साधना गुप्ता, संजय उपाध्याय, प्रो. अशोक द्विवेदी, भोलानाथ सिंह, अशोक सिंह, विमल पाठक, शशि प्रेमदेव, चंद्रशेखर उपाध्याय, सुनील सिंह, पिंटूूू सिंह, गणेश सिंह, बब्बन विद्यार्थी आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता डॉ. जनार्दन राय तथा विवेकानंद सिंह ने किया।
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