{"_id":"5a7896a74f1c1b4f588b6eb6","slug":"51517852327-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच उडनदस्ता रखेंगे बोर्ड परीक्षा पर नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच उडनदस्ता रखेंगे बोर्ड परीक्षा पर नजर
Updated Mon, 05 Feb 2018 11:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए उडनदस्ता टीम का गठन किया गया है। टीम परीक्षा शुरू होने के बाद विभिन्न केंद्रों पर जाएगी और जांच करेगी। टीम पर भी जिला प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। उडनदस्ता के प्रभारी प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट जिला अधिकारी को देंगे।
शासन के निर्देश पर नकलविहीन परीक्षा कराने को लेकर जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारी तैयारी में जुटे हुए हैं। बताया जाता है कि बोर्ड परीक्षा में नकल को लेकर खासकर रसड़ा, बेल्थरारोड, भीमपुरा और नगरा इलाका कुख्यात माने जाते हैं और इसको देखते हुए प्रशासन ने भी इन इलाकों के करीब दो दर्जन परीक्षा केंद्रों को अतिसंवेदनशील माना है। इन परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन ने इस बार स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए हैं।
बताया जाता है कि परीक्षा पर नजर रखने में सचल दस्ता की अहम भूमिका होगी। इसको लेकर काफी गोपनीयता बरती जा रही है। उडनदस्ता को परीक्षा शुरु होने के कुछ घंटे पहले उन्हें बताया जाएगा कि उन्हें किस क्षेत्र में जाना है। इस व्यवस्था से जहां सभी टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में होंगी वहीं एक टीम एक ही क्षेत्र में नहीं भ्रमण करेगी। सचल दस्ता टीमों के प्रभारियों को प्रतिदिन की रिपोर्ट भी जिलाधिकारी को देनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
शासन के निर्देश पर नकलविहीन परीक्षा कराने को लेकर जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारी तैयारी में जुटे हुए हैं। बताया जाता है कि बोर्ड परीक्षा में नकल को लेकर खासकर रसड़ा, बेल्थरारोड, भीमपुरा और नगरा इलाका कुख्यात माने जाते हैं और इसको देखते हुए प्रशासन ने भी इन इलाकों के करीब दो दर्जन परीक्षा केंद्रों को अतिसंवेदनशील माना है। इन परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन ने इस बार स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए हैं।
विज्ञापन
बताया जाता है कि परीक्षा पर नजर रखने में सचल दस्ता की अहम भूमिका होगी। इसको लेकर काफी गोपनीयता बरती जा रही है। उडनदस्ता को परीक्षा शुरु होने के कुछ घंटे पहले उन्हें बताया जाएगा कि उन्हें किस क्षेत्र में जाना है। इस व्यवस्था से जहां सभी टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में होंगी वहीं एक टीम एक ही क्षेत्र में नहीं भ्रमण करेगी। सचल दस्ता टीमों के प्रभारियों को प्रतिदिन की रिपोर्ट भी जिलाधिकारी को देनी होगी।
विज्ञापन