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Ballia News: सरयू की कटान से 24 घंटे में 50 एकड़ जमीन नदी में समाई
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बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर टाड़ी में कटान के मुहाने पर स्थित झोपड़िया। जागरुक पाठक
बैरिया। उत्तरी दियरांचल के गोपालनगर टांड़ी और शिवाल मठिया में सरयू नदी के कारण कटान हो रही है। पिछले 24 घंटे के भीतर 50 एकड़ उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो गई। वहीं, दोनों गांवों के करीब 25 मकानों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। तीन मकानों का एक हिस्सा ढह गया है।
नदी की लहरें लगातार आबादी की ओर बढ़ रही हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। गोपालनगर टांड़ी में रविवार को शिवजी यादव, गणेश यादव और महेश यादव के मकानों का आधा हिस्सा नदी में समा गया। शेष हिस्सा भी कभी भी ढह सकता है। गोपालनगर टांड़ी में विजय सिंह, छोटक पहलवान, हंसराज यादव, भुटेली और संतोष यादव समेत कई लोगों के मकानों तक नदी की लहरें पहुंचकर टक्कर मार रही हैं। वहीं, शिवाल मठिया में गौड़ी चौधरी, शिवजी चौधरी, दिलीप साहनी, धनजी साहनी, कमलेश साहनी, जई साहनी और सुनील साहनी समेत अन्य ग्रामीणों के आशियानों पर भी खतरा बना हुआ है।
कटान से प्रभावित परिवारों के सामने वर्षों की मेहनत से बनाए गए मकानों और जुटाई गई गृहस्थी को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। इस बार कटान की तेज रफ्तार ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लोगों को आशंका है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो कई और मकान नदी में समा सकते हैं।
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नदी की लहरें लगातार आबादी की ओर बढ़ रही हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। गोपालनगर टांड़ी में रविवार को शिवजी यादव, गणेश यादव और महेश यादव के मकानों का आधा हिस्सा नदी में समा गया। शेष हिस्सा भी कभी भी ढह सकता है। गोपालनगर टांड़ी में विजय सिंह, छोटक पहलवान, हंसराज यादव, भुटेली और संतोष यादव समेत कई लोगों के मकानों तक नदी की लहरें पहुंचकर टक्कर मार रही हैं। वहीं, शिवाल मठिया में गौड़ी चौधरी, शिवजी चौधरी, दिलीप साहनी, धनजी साहनी, कमलेश साहनी, जई साहनी और सुनील साहनी समेत अन्य ग्रामीणों के आशियानों पर भी खतरा बना हुआ है।
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कटान से प्रभावित परिवारों के सामने वर्षों की मेहनत से बनाए गए मकानों और जुटाई गई गृहस्थी को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। इस बार कटान की तेज रफ्तार ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लोगों को आशंका है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो कई और मकान नदी में समा सकते हैं।
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