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छपरा-मऊ सवारी गाडी बंद से यात्री परेशान
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बांसडीहरोड। छपरा- मऊ सवारी गाड़ी अप तथा डाउन का बीते माह से परिचालन बंद है। इसके चलते यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज की भी माकूल व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों को फजीहत उठानी पड़ रही है।
क्षेत्र के शत्रुघ्न सिंह, राजेश्वर सिंह, गणेश प्रसाद, शुभम कुमार गुप्ता ने बताया कि छपरा- मऊ सवारी गाड़ी अप तथा डाउन के बंद होने से सुबह में छपरा जाने के लिए प्राइवेट वाहनों से जाना पड़ता है। इसके चलते यात्रियों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। शैलेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि छपरा- मऊ सवारी गाड़ी बंद होने से बलिया से छपरा के तरफ जाने के लिए सुबह कोई पैसेंजर ट्रेन नहींहै। जबकि रात में भी छपरा से बलिया आने के लिए कोई सवारी गाड़ी नहीं है। इसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान घनश्याम सिंह ने बताया कि आलू की खोदाई चल रहा है। अगर छपरा- मऊ सवारी गाड़ी चालू हो जाती तो रसड़ा, संवरा, चिलकहर, जिगनी खास, फेफना आदि इलाकों से हर साल की तरह इस साल मजदूर आसानी से आ जाते। इस बाबत डीआरएम के पीआरओ अशोक कुमार ने बताया कि चार पांच दिनों के अंदर छपरा-मऊ सवारी गाड़ी का संचालन शुुरू कर दिया जाएगा।
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क्षेत्र के शत्रुघ्न सिंह, राजेश्वर सिंह, गणेश प्रसाद, शुभम कुमार गुप्ता ने बताया कि छपरा- मऊ सवारी गाड़ी अप तथा डाउन के बंद होने से सुबह में छपरा जाने के लिए प्राइवेट वाहनों से जाना पड़ता है। इसके चलते यात्रियों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। शैलेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि छपरा- मऊ सवारी गाड़ी बंद होने से बलिया से छपरा के तरफ जाने के लिए सुबह कोई पैसेंजर ट्रेन नहींहै। जबकि रात में भी छपरा से बलिया आने के लिए कोई सवारी गाड़ी नहीं है। इसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान घनश्याम सिंह ने बताया कि आलू की खोदाई चल रहा है। अगर छपरा- मऊ सवारी गाड़ी चालू हो जाती तो रसड़ा, संवरा, चिलकहर, जिगनी खास, फेफना आदि इलाकों से हर साल की तरह इस साल मजदूर आसानी से आ जाते। इस बाबत डीआरएम के पीआरओ अशोक कुमार ने बताया कि चार पांच दिनों के अंदर छपरा-मऊ सवारी गाड़ी का संचालन शुुरू कर दिया जाएगा।
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