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तीन दिन के लिए लगेंगी 96 पटाखे की दूकानेें
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 26 Oct 2016 08:02 PM IST
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पटाखे
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दीपावली के मद्देनजर नगर सहित ग्रामीण इलाकों में लगने वाले पटाखा की दूकानों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतेजाम किए गए हैं। जनपद में तीन दिन के लिए 96 पटाखा दूकानों को लाइसेंस जारी किए गए हैं, जिन्हें अग्रिशमन विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि चिह्नित स्थानों पर ही पटाखा बेचने की अनुमति दी गई है। इसके अलग बिना लाइसेंस के पटाखा बेचते हुए मिलनेवालों पर कार्रवाई तय है।
जनपद में कुल छह थोक लाइसेंसी पटाखे की दूकानें हैं। जिसमें से तीन को पटाखे बनाने का लाइसेंस है। जबकि तीन का पटाखा बेचने का है। वहीं दीपावली के मद्देनजर पूरे जनपद में 96 पटाखे की दूकानें के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं, जो तीन दिनों तक ही पटाखा बेचने के लिए मान्य रहेंगे। नगर के रामलीला मैदान में 65 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 31 दूकानें लगाई जाएंगी।
सुरक्षा के मद्देनजर रामलीला मैदान में अग्रिशमन यंत्र, बोरी में बालू, बाल्टी में पानी तथा फायर सर्विस गाड़ी के साथ ही अग्रिशमन के जवान और पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा दूकानदारों को भी सख्त हिदायत है कि 125 डेसीबल से अधिक आवाज वाले पटाखा नहीं बेचेंगे। अगर ऐसा करते है तो उनके खिलाफ कार्रवाई तय है। अग्रिशमन विभाग की माने तो सिकंदरपुर, हल्दी तथा सुखपुरा में लाइसेंसी दूकानदारों द्वारा पटाखे का निर्माण किया जाता है। इसके अलावा जिले के 96 दूकानदारों को दीवाली पर्व पर तीन दिन के लिए लाइसेंस दिया गया है।
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नगर के हृदय स्थली शहीद चौक में करीब एक दशक पूर्व चिंगारी से पटाखे की दूकान में आग लग गई थी। इस दौरान एक के बाद एक पटाखों की दूकानों में आग लग गई। इस दौरान झुलसने से दो लोगों की मौत हो गई थी और आसपास की दूकानों को भी काफी क्षति हुई थी। इसके बाद से प्रशासन ने नगर के रामलीला मैदान में पटाखा दूकान लगाने का निर्णय लिया। तब से वहां अग्निशमन विभाग की देखरेख में पटाखे की दूकानें लगाई जाती हैं।
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जनपद में कुल छह थोक लाइसेंसी पटाखे की दूकानें हैं। जिसमें से तीन को पटाखे बनाने का लाइसेंस है। जबकि तीन का पटाखा बेचने का है। वहीं दीपावली के मद्देनजर पूरे जनपद में 96 पटाखे की दूकानें के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं, जो तीन दिनों तक ही पटाखा बेचने के लिए मान्य रहेंगे। नगर के रामलीला मैदान में 65 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 31 दूकानें लगाई जाएंगी।
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सुरक्षा के मद्देनजर रामलीला मैदान में अग्रिशमन यंत्र, बोरी में बालू, बाल्टी में पानी तथा फायर सर्विस गाड़ी के साथ ही अग्रिशमन के जवान और पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा दूकानदारों को भी सख्त हिदायत है कि 125 डेसीबल से अधिक आवाज वाले पटाखा नहीं बेचेंगे। अगर ऐसा करते है तो उनके खिलाफ कार्रवाई तय है। अग्रिशमन विभाग की माने तो सिकंदरपुर, हल्दी तथा सुखपुरा में लाइसेंसी दूकानदारों द्वारा पटाखे का निर्माण किया जाता है। इसके अलावा जिले के 96 दूकानदारों को दीवाली पर्व पर तीन दिन के लिए लाइसेंस दिया गया है।
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नगर के हृदय स्थली शहीद चौक में करीब एक दशक पूर्व चिंगारी से पटाखे की दूकान में आग लग गई थी। इस दौरान एक के बाद एक पटाखों की दूकानों में आग लग गई। इस दौरान झुलसने से दो लोगों की मौत हो गई थी और आसपास की दूकानों को भी काफी क्षति हुई थी। इसके बाद से प्रशासन ने नगर के रामलीला मैदान में पटाखा दूकान लगाने का निर्णय लिया। तब से वहां अग्निशमन विभाग की देखरेख में पटाखे की दूकानें लगाई जाती हैं।