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दूरसंचार कर्मचारियों ने तीसरे दिन भी जारी
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बलिया। दूरसंचार मंत्रालय के विभिन्न विसंगतियों के खिलाफ तारघर में चल रहा धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान हड़ताली कर्मचारियों ने कार्यालय कक्षों में तालेबंदी कर सरकार के गलत नीतियों का विरोध किया। पूरे दिन विभागीय कार्य न किए जाने से राजस्व का काफी नुकसान हुआ। वहीं कार्यालय परिसर में जुटे कर्मचारियों ने केंद्रीय संचार मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे।
कर्मचारी नेता सुखन राम ने कहा कि दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों का केंद्र सरकार खून चूस रही है। जबकि निजी कंपनियों को आगे बढ़ाने की नीयत से बीएसएनएल को गर्त में ढकेलती जा रही है। कर्मचारी विरोधी नीतियों के चलते कर्मचारियों ने इस बार पुरजोर तरीके से विरोध का मन बना लिया है। कहा कि केंद्र सरकार ने अब तक बीएसएनएल को फोर जी स्पेक्ट्रम का लाइसेंस नहीं किया। जिससे बीएसएनएल प्रतिस्पर्धा के बाजार पिछड़ती जा रहा है। एक निजी कंपनी बढ़ाने की नीयत से उसे लाभ पहुंचाया जा रहा है। अध्यक्ष पीएन चौधरी ने कहा कि निजी कंपनियों से ही कार्य कराना है तो फिर बीएसएनएल को चलाने का क्या मतलब है। दिनोंदिन बीएसएनएल की सेवाएं बाधित की जा रही है। जिसके लिए केंद्र सरकार कसूरवार है। तीसरे पे रिविजन का पंद्रह फीसदी फिटमेंट के साथ निराकरण तत्काल कराया जाय। जबकि बाकी बचे दो पेय रिविजन कमेटी के शेष मुद्दों तथा पेंशन मुद्दों का निराकरण किया जाय। इस मौके पर सुरेंद्र सिंह, अजीत सिंह, परमात्मा राम, काशीनाथ वर्मा, मन्नू सिंह, शिवदयाल गुप्त, सिराती राम, नित्यानंद ओझा, प्रदीप वर्मा, रघुवंश, अवध नारायण सिंह आदि रहे।
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कर्मचारी नेता सुखन राम ने कहा कि दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों का केंद्र सरकार खून चूस रही है। जबकि निजी कंपनियों को आगे बढ़ाने की नीयत से बीएसएनएल को गर्त में ढकेलती जा रही है। कर्मचारी विरोधी नीतियों के चलते कर्मचारियों ने इस बार पुरजोर तरीके से विरोध का मन बना लिया है। कहा कि केंद्र सरकार ने अब तक बीएसएनएल को फोर जी स्पेक्ट्रम का लाइसेंस नहीं किया। जिससे बीएसएनएल प्रतिस्पर्धा के बाजार पिछड़ती जा रहा है। एक निजी कंपनी बढ़ाने की नीयत से उसे लाभ पहुंचाया जा रहा है। अध्यक्ष पीएन चौधरी ने कहा कि निजी कंपनियों से ही कार्य कराना है तो फिर बीएसएनएल को चलाने का क्या मतलब है। दिनोंदिन बीएसएनएल की सेवाएं बाधित की जा रही है। जिसके लिए केंद्र सरकार कसूरवार है। तीसरे पे रिविजन का पंद्रह फीसदी फिटमेंट के साथ निराकरण तत्काल कराया जाय। जबकि बाकी बचे दो पेय रिविजन कमेटी के शेष मुद्दों तथा पेंशन मुद्दों का निराकरण किया जाय। इस मौके पर सुरेंद्र सिंह, अजीत सिंह, परमात्मा राम, काशीनाथ वर्मा, मन्नू सिंह, शिवदयाल गुप्त, सिराती राम, नित्यानंद ओझा, प्रदीप वर्मा, रघुवंश, अवध नारायण सिंह आदि रहे।
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