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लेखपालों की हड़ताल से काम काज ठप

Thu, 12 Jul 2018 10:52 PM IST
Updated Thu, 12 Jul 2018 10:52 PM IST
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लेखपालों की हड़ताल से काम काज ठप
बलिया। लेखपालों की हड़ताल से कामकाज ठप हो गया है। लेखपालों के तेवर से लगता है कि हड़ताल अभी और लंबा चलेगा। इससे आने वाले दिनों में भी लोगों की परेशानियां कम होने वाली नहीं हैं। लेखपालों की हड़ताल के कारण राजस्व विभाग के कई कार्य प्रभावित हो गए हैं और खासकर छात्र प्रमाण पत्रों के लिए परेशान हैं।
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विभिन्न मांगों को लेकर राजस्व विभाग के लेखपाल पिछले कई दिनों से हड़ताल पर हैं जबकि चार दिनों से तो वह कलेक्ट्रेट में धरना दे रहे हैं। लेखपालों की हड़ताल से राजस्व विभाग में एक तरह से कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। बताया जाता है कि आमतौर पर एक जुलाई से शिक्षा सत्र की शुरुआत होती है। इसके साथ ही प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के संस्थान खुलते हैं और पढ़ाई लिखाई के साथ ही कक्षाओं में प्रवेश आदि के कार्य भी शुरू हो जाते हैं। इसके अलावा पूर्व दशम व दशमोत्तर कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र छात्रवृत्ति आदि के लिए आवेदन भी करते हैं। इसके लिए छात्रों को तहसीलों से जारी होने वाले आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। लेकिन पिछले कई दिनों से चल रहे लेखपालों की हड़ताल के कारण तहसीलों से प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहा है। हालांकि इसके लिए शासन की ओर से संबंधित एसडीएम व तहसीलदार को निस्तारण का निर्देश दिया गया है लेकिन यह वैकल्पिक व्यवस्था भी पूरी तरह लागू नहीं हो सका है। बीटेक में नामांकन के लिए जाति प्रमाण को आवेदन देने वाले लक्ष्मणुपर गांव निवासी ओमप्रकाश कुमार ने बताया कि वह 10 दिनों से जनसेवा केंद्र व तहसील का चक्कर काट रहा है लेकिन प्रमाण पत्र जारी नहीं हो रहा है। इसी तरह हल्दी गांव निवासी रमेश वर्मा ने बताया कि छात्रवृत्ति आवेदन के लिए आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता है लेकिन जारी नहीं हो रहा है। इसके अलावा तहसीलों में मिलने वाली शिकायत के निस्तारण को लेकर पैमाइश, किसानों को खसरा, हैसियत प्रमाण पत्र आदि का काम भी ठप पड़ा हुआ है। उधर, लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष निर्भय नारायन सिंह ने बताया कि मांगों को लेकर कई बार जिला प्रशासन व सरकार को मांग पत्र दिया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
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