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खराब प्रगति पर प्रभारी चिकित्साधिकारियों को फटकार
Updated Sat, 19 May 2018 12:48 AM IST
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बलिया। जिले से सभी सीएचसी-पीएचसी पर बजट समय से नहीं भेजे जाने पर जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारोत ने सीएमओ डॉ. एसपी राय पर कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही तीन दिन के अंदर सभी अस्पताल पर पर्याप्त बजट भेजने के साथ सभी कर्मियों का वेतन भुगतान कर देने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री मातृत्व योजना, जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की खराब प्रगति पर नरहीं, रसड़ा, बांसडीह, चिलकहर, बैरिया, हनुमानगंज, बेरुआरबारी व रेवती के प्रभारी चिकित्साधिकारी पर नाराजगी जताई।
जिलाधिकारी गुरुवार की देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण व अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संबंध में जिला टास्क फोर्स की बैठक ले रहे थे। बेरूआरबारी के प्रभारी चिकित्साधिकारी के अनुपस्थित रहने पर एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया। डीएम ने कहा कि टीकाकरण के लिए माइक्रोप्लानिंग पहले से तैयार कर लें। उसकी एक कॉपी सीडीपीओ को भी दी जाए। उन्होंने कहा कि जो एएनएम कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पा रही हैं, उनका एक दिन का वेतन काट दिया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकत्री इसका पहले से प्रचार-प्रसार कराएं, ताकि कोई बच्चा छूटने न पाये। जिलाधिकारी ने कहा सभी एमओ सप्ताह में एक दिन अपने अधीनस्थ के साथ बैठक कर सभी संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा जरूर कर लें। जिस डॉक्टर के पास कई जगह का चार्ज है, हफ्ते में तीन दिन एक सीएचसी/पीएचसी पर बैठने की तिथि निश्चित कर दें। वैक्सीन की गुणवत्ता व उसकी आपूर्ति को भी सुनिश्चित करें। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं मिलने वाली सुविधा समय से उपलब्ध कराई जाए। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम का ब्लॉकवार डाटा मांगा। यह भी कहा कि आशा कार्यकत्रियों, संविदा चिकित्साधिकारियों व आयुष चिकित्सकों के मानदेय बकाया हो तो तत्काल भुगतान की कार्यवाही हो। उन्होंने राष्ट्रीय क्षय रोग, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना, मातृ-शिशु मृत्यु आदि की समीक्षा की ।बैठक में एसपी श्रीपर्णा गांगुली, एडीएम मनोज कुमार सिंघल, डीसीपीएम अजय पांडेय समेत सभी सीएचसी/पीएचसी के एमओवार्डसी थे।
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जिलाधिकारी गुरुवार की देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण व अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संबंध में जिला टास्क फोर्स की बैठक ले रहे थे। बेरूआरबारी के प्रभारी चिकित्साधिकारी के अनुपस्थित रहने पर एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया। डीएम ने कहा कि टीकाकरण के लिए माइक्रोप्लानिंग पहले से तैयार कर लें। उसकी एक कॉपी सीडीपीओ को भी दी जाए। उन्होंने कहा कि जो एएनएम कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पा रही हैं, उनका एक दिन का वेतन काट दिया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकत्री इसका पहले से प्रचार-प्रसार कराएं, ताकि कोई बच्चा छूटने न पाये। जिलाधिकारी ने कहा सभी एमओ सप्ताह में एक दिन अपने अधीनस्थ के साथ बैठक कर सभी संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा जरूर कर लें। जिस डॉक्टर के पास कई जगह का चार्ज है, हफ्ते में तीन दिन एक सीएचसी/पीएचसी पर बैठने की तिथि निश्चित कर दें। वैक्सीन की गुणवत्ता व उसकी आपूर्ति को भी सुनिश्चित करें। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं मिलने वाली सुविधा समय से उपलब्ध कराई जाए। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम का ब्लॉकवार डाटा मांगा। यह भी कहा कि आशा कार्यकत्रियों, संविदा चिकित्साधिकारियों व आयुष चिकित्सकों के मानदेय बकाया हो तो तत्काल भुगतान की कार्यवाही हो। उन्होंने राष्ट्रीय क्षय रोग, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना, मातृ-शिशु मृत्यु आदि की समीक्षा की ।बैठक में एसपी श्रीपर्णा गांगुली, एडीएम मनोज कुमार सिंघल, डीसीपीएम अजय पांडेय समेत सभी सीएचसी/पीएचसी के एमओवार्डसी थे।
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