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अब 104 शिक्षकों की फौज रोकेगी न
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बलिया। अब आगे होने वाली बोर्ड परीक्षाओं पर बेहतर निगरानी के लिए फिर से सचल दस्ते का गठन किया गया है। कुल 20 सचल दस्ते प्रतिदिन दो पालियों में परीक्षा की निगरानी करेंगे। प्रत्येक दस्ते में पांच-पांच शिक्षक होंगे, इसमें एक महिला शिक्षिका भी रहेंगी। इसके अलावा चार शिक्षकों को रिजर्व में रखा गया है। इस तरह कुल 104 शिक्षकों की टीम अब नकल पर नकेल कसेगी।
बोर्ड परीक्षा में करीब आधा विषयों की परीक्षा समाप्त होने व इस दौरान कई जगह केंद्रों से कापियां बाहर लिखे का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन जागा है। दो दिनों पहले हुई बैठक में जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने नकल रोकने को लेकर खूब मंथन किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने कुल 100 शिक्षकों की 20 सचल दस्ते का गठन किया। प्रत्येेक सचल दस्ते में कुल पांच शिक्षकों को रखा गया है जिसमें एक शिक्षिका भी हैं ताकि केंद्रों पर छापेमारी के दौरान छात्राओं की जांच में कोई दिक्कत नहीं हो सके। जिलाधिकारी ने प्रत्येक सचल दस्ते को पांच ब्लॉकों में स्थित परीक्षा केंद्रों की जिम्मेदारी दी है। जिलाधिकारी ने सचल दस्ते को निर्देश दिया है कि वह परीक्षा के दिन सुबह की पाली में निरीक्षण के लिए सुबह सात बजे व सायं की पाली में निरीक्षण के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे और वहां से वाहन लेकर केंद्रों के लिए रवाना होंगे। बताया जाता है कि इन सचल दस्तों को परीक्षा के दिन सुबह या सायं की पाली में रवाना होने के समय आवंटित ब्लॉकों में किसी एक ब्लॉक के केंद्र पर छापेमारी का निर्देश दिया जाएगा।
बताया जाता है कि अब तक हुई परीक्षाओं में कई केंद्रों से बाहर कापियां लिखने की शिकायत सामने आ चुकी है और कई केंद्रों पर कापियां भी गायब मिली हैं। इसके अलावा एक केंद्र से कुछ दूरी पर बोर्ड परीक्षा की कापियां लिखे जाने वाले घर पर एसटीएफ लखनऊ व गोरखपुर की टीम ने छापेमारी कर कई लोगों को पकड़ा था। इसके चलते जिला प्रशासन के नकलविहीन परीक्षा को लेकर सवाल भी उठने लगे थे।
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बोर्ड परीक्षा में करीब आधा विषयों की परीक्षा समाप्त होने व इस दौरान कई जगह केंद्रों से कापियां बाहर लिखे का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन जागा है। दो दिनों पहले हुई बैठक में जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने नकल रोकने को लेकर खूब मंथन किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने कुल 100 शिक्षकों की 20 सचल दस्ते का गठन किया। प्रत्येेक सचल दस्ते में कुल पांच शिक्षकों को रखा गया है जिसमें एक शिक्षिका भी हैं ताकि केंद्रों पर छापेमारी के दौरान छात्राओं की जांच में कोई दिक्कत नहीं हो सके। जिलाधिकारी ने प्रत्येक सचल दस्ते को पांच ब्लॉकों में स्थित परीक्षा केंद्रों की जिम्मेदारी दी है। जिलाधिकारी ने सचल दस्ते को निर्देश दिया है कि वह परीक्षा के दिन सुबह की पाली में निरीक्षण के लिए सुबह सात बजे व सायं की पाली में निरीक्षण के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे और वहां से वाहन लेकर केंद्रों के लिए रवाना होंगे। बताया जाता है कि इन सचल दस्तों को परीक्षा के दिन सुबह या सायं की पाली में रवाना होने के समय आवंटित ब्लॉकों में किसी एक ब्लॉक के केंद्र पर छापेमारी का निर्देश दिया जाएगा।
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बताया जाता है कि अब तक हुई परीक्षाओं में कई केंद्रों से बाहर कापियां लिखने की शिकायत सामने आ चुकी है और कई केंद्रों पर कापियां भी गायब मिली हैं। इसके अलावा एक केंद्र से कुछ दूरी पर बोर्ड परीक्षा की कापियां लिखे जाने वाले घर पर एसटीएफ लखनऊ व गोरखपुर की टीम ने छापेमारी कर कई लोगों को पकड़ा था। इसके चलते जिला प्रशासन के नकलविहीन परीक्षा को लेकर सवाल भी उठने लगे थे।
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