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72 हजार के सापेक्ष के बने 42837 शौचालय
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बलिया। जिले के ग्रामीण इलाकों को ओडीएफ घोषित करने के बाद शासन की ओर से सर्वे के आधार पर जिले को 72 हजार शौचालय निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई। इसके लिए 31 मार्च समय सीमा निर्धारित की गई लेकिन अभी भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। अधिकारियों की मानें तो अब तक 42837 शौचालयों का निर्माण हो चुका है और शेष का निर्माण कार्य चल रहा है।
वर्ष 2015-16 में स्वच्छ भारत मिशन लागू होने के बाद इसके तहत सभी गांवों को ओडीएफ करने के लिए जिले के 1843 राजस्व गांवों में कुल तीन लाख 18 हजार 552 शौचालयों का आवंटन किया गया। पंचायती राज विभाग की ओर इन शौचालयों के निर्माण का दावा करते हुए चार माह पहले सभी गांवों को ओडीएफ घोषित कर दिया। अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि बेस लाइन सर्वे के आधार पर ही सभी गांवों को ओडीएफ घोषित किया गया है। इसके बाद धरातल पर कई परिवारों के पास शौचालय नहीं होने की बात सामने आने पर शासन के निर्देश पर आउट ऑफ बेस लाइन सर्वे कराया गया जिसमें कुल 72 हजार परिवारों को चिह्नित किया गया।
बाद शासन की ओर से इन 72 हजार शौचालयों के निर्माण के लिए 86 लाख 40 हजार की धनराशि भी मुहैया कराई गई और इसके निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 31 मार्च 19 की समय सीमा निर्धारित की गई। लेकिन पूर्व के शौचालयों की तरह इस बार भी धीमी गति से शौचालयों का निर्माण जारी है। आलम यह है कि तय समय सीमा बीते के दो माह बाद भी सभी शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका है। पंचायती राज विभाग की मानें तो शासन से मिली धनराशि को लाभार्थियों के खाते में भेज दी गई है और अब तक 42837 शौचालयों के फोटो भी अपलोड किए जा चुके हैं।
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बेसलाइन सर्वे के आधार पर गांवों को ओडीएफ किया गया है। आउट ऑफ बेस लाइन सर्वें के आधार पर शासन की ओर से शौचालयों के निर्माण के लिए धनराशि मुहैया कराई गई जिसे लाभार्थियों के खाते में भेज दिया गया है। निर्माण कार्य जारी है और जल्द ही पूरा हो जाएगा।-एसडी पांडेय, डीपीआरओ, बलिया
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वर्ष 2015-16 में स्वच्छ भारत मिशन लागू होने के बाद इसके तहत सभी गांवों को ओडीएफ करने के लिए जिले के 1843 राजस्व गांवों में कुल तीन लाख 18 हजार 552 शौचालयों का आवंटन किया गया। पंचायती राज विभाग की ओर इन शौचालयों के निर्माण का दावा करते हुए चार माह पहले सभी गांवों को ओडीएफ घोषित कर दिया। अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि बेस लाइन सर्वे के आधार पर ही सभी गांवों को ओडीएफ घोषित किया गया है। इसके बाद धरातल पर कई परिवारों के पास शौचालय नहीं होने की बात सामने आने पर शासन के निर्देश पर आउट ऑफ बेस लाइन सर्वे कराया गया जिसमें कुल 72 हजार परिवारों को चिह्नित किया गया।
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बाद शासन की ओर से इन 72 हजार शौचालयों के निर्माण के लिए 86 लाख 40 हजार की धनराशि भी मुहैया कराई गई और इसके निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 31 मार्च 19 की समय सीमा निर्धारित की गई। लेकिन पूर्व के शौचालयों की तरह इस बार भी धीमी गति से शौचालयों का निर्माण जारी है। आलम यह है कि तय समय सीमा बीते के दो माह बाद भी सभी शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका है। पंचायती राज विभाग की मानें तो शासन से मिली धनराशि को लाभार्थियों के खाते में भेज दी गई है और अब तक 42837 शौचालयों के फोटो भी अपलोड किए जा चुके हैं।
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बेसलाइन सर्वे के आधार पर गांवों को ओडीएफ किया गया है। आउट ऑफ बेस लाइन सर्वें के आधार पर शासन की ओर से शौचालयों के निर्माण के लिए धनराशि मुहैया कराई गई जिसे लाभार्थियों के खाते में भेज दिया गया है। निर्माण कार्य जारी है और जल्द ही पूरा हो जाएगा।-एसडी पांडेय, डीपीआरओ, बलिया