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पार्टी नीतियों के आधार पर ही युवाओ को लुभाने का प्रयास
Updated Thu, 02 Nov 2017 11:34 PM IST
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बलिया। निकाय चुनाव में सभी दलों की निगाहें युवाओं पर हैं। युवाओं को अपने पाले में करने के लिए सभी दलों की ओर से तरह के तरह के उपाय किए जा रहे हैं।
इस बार नगर निकाय चुनाव में पहली बार राजनीतिक दलों के सिंबल पर प्रत्याशी उतरेंगे। ऐसे में संबंधित प्रत्याशी पार्टी नीति से अलग हट कर कोई वादा नहीं कर सकते। खासकर, भाजपा की ओर से युवाओं को जोड़ने के लिए चुनाव के पहले से तैयारी की गई। पार्टी की ओर से दीनदयाल जयंती समारोह के तहत खेलकूद प्रतियोगिता के आयोजन के पीछे अधिक से अधिक युवाओं को दल से जोड़ना ही था। हालांकि अब चुनाव की घोषणा हो चुकी है ऐसे किसी नई योजना की घोषणा से हर दल के लोग बच रहे हैं।
भाजपा की ओर से युवाओं से संबंधित कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है और इस दल के दावेदार इसी को आधार बनाकर निकाय चुनाव की वैतरणी पार करने की जुगत में हैं। हालांकि, भाजपा ने प्रत्याशी को लेकर अभी पत्ते नहीं खोले हैं, प्रत्याशी तय होने के बाद ही स्थिति साफ होगी कि पार्टी किसी नए युवा चेहरे को मैदान में उतारती है या किसी और को। यही स्थित सपा की भी है। यह दल भी पार्टी मुखिया की युवा सोच को आधार बनाकर ही चुनाव लड़ने की तैयारी में है। हालांकि इस सपा ने भी अभी तक प्रत्याशी को लेकर स्थिति साफ नहीं की है। इसी तरह बसपा भी युवाओं को लुभाने का प्रयास कर रही है, हालांकि यहां भी प्रत्याशी अभी तक तय नहीं हो सके हैं।
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इस बार नगर निकाय चुनाव में पहली बार राजनीतिक दलों के सिंबल पर प्रत्याशी उतरेंगे। ऐसे में संबंधित प्रत्याशी पार्टी नीति से अलग हट कर कोई वादा नहीं कर सकते। खासकर, भाजपा की ओर से युवाओं को जोड़ने के लिए चुनाव के पहले से तैयारी की गई। पार्टी की ओर से दीनदयाल जयंती समारोह के तहत खेलकूद प्रतियोगिता के आयोजन के पीछे अधिक से अधिक युवाओं को दल से जोड़ना ही था। हालांकि अब चुनाव की घोषणा हो चुकी है ऐसे किसी नई योजना की घोषणा से हर दल के लोग बच रहे हैं।
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भाजपा की ओर से युवाओं से संबंधित कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है और इस दल के दावेदार इसी को आधार बनाकर निकाय चुनाव की वैतरणी पार करने की जुगत में हैं। हालांकि, भाजपा ने प्रत्याशी को लेकर अभी पत्ते नहीं खोले हैं, प्रत्याशी तय होने के बाद ही स्थिति साफ होगी कि पार्टी किसी नए युवा चेहरे को मैदान में उतारती है या किसी और को। यही स्थित सपा की भी है। यह दल भी पार्टी मुखिया की युवा सोच को आधार बनाकर ही चुनाव लड़ने की तैयारी में है। हालांकि इस सपा ने भी अभी तक प्रत्याशी को लेकर स्थिति साफ नहीं की है। इसी तरह बसपा भी युवाओं को लुभाने का प्रयास कर रही है, हालांकि यहां भी प्रत्याशी अभी तक तय नहीं हो सके हैं।
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