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देश की रक्षा के लिए युवाओं को आना होगा आगे: अभिषेक ब्रह्मचारी
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बलिया। स्वामी करपात्रीजी महराज का 37वां महानिर्वाण महोत्सव सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ड्रामा हाल में युवा चेतना की ओर से मनाया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी, कैट लखनऊ बेंच की न्यायिक सदस्य जास्मिन अहमद, युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह, कैट बार एसोसिएशन, प्रयागराज के अध्यक्ष अनिल सिंह एवं अन्य गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की स्वामी करपात्री जी सनातन धर्म के सूर्य थे। वे धर्म पुरुष थे। उन्होंने आजीवन सनातन धर्म के विस्तार की दिशा में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से देश रक्षा के लिए आगे आने व भारत सरकार से गौ संरक्षण हेतु कठोर क़ानून बनाने की अपील की। मुख्य अतिथि कैट लखनऊ बेंच की न्यायिक सदस्य जास्मिन अहमद ने कहा की स्वामी करपात्रीजी मानवता के पुजारी थे। वे सच्चे राष्ट्रभक्त थे। कहा की भारत ऋषि-मुनियों का देश है। जास्मिन अहमद ने कहा की करपात्रीजी के प्रति श्रद्धा है, उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में भी योगदान दिया था।
महोत्सव की अध्यक्षता करते हुए युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा की स्वामी करपात्रीजी संत, विचारक, लेखक, विश्लेषक, प्रवर्तक, नेता सब कुछ थे। उन्होंने केंद्र से स्वामी करपात्री जी के स्मृति में डाक टिकट जारी करने व वाराणसी से दिल्ली तक धर्मसम्राट एक्सप्रेस चलाने की मांग की। दिल्ली में स्वामी करपात्रीजी के नाम पर वेद शोध-अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का भी मांग की। इस मौके पर अवधेश राय, अजय राय मुन्ना, चितबड़ागाँव नगर पंचायत अध्यक्ष केशरीनंदन त्रिपाठी, डा. अश्फ़ाक सिद्दीक़ी, प्रमुख ज्ञानेंद्र राय गुड्डु, सुनील सहनी, कृष्णा मिश्रा, रीता वर्मा ने भी विचार रखे।
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स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की स्वामी करपात्री जी सनातन धर्म के सूर्य थे। वे धर्म पुरुष थे। उन्होंने आजीवन सनातन धर्म के विस्तार की दिशा में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से देश रक्षा के लिए आगे आने व भारत सरकार से गौ संरक्षण हेतु कठोर क़ानून बनाने की अपील की। मुख्य अतिथि कैट लखनऊ बेंच की न्यायिक सदस्य जास्मिन अहमद ने कहा की स्वामी करपात्रीजी मानवता के पुजारी थे। वे सच्चे राष्ट्रभक्त थे। कहा की भारत ऋषि-मुनियों का देश है। जास्मिन अहमद ने कहा की करपात्रीजी के प्रति श्रद्धा है, उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में भी योगदान दिया था।
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महोत्सव की अध्यक्षता करते हुए युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा की स्वामी करपात्रीजी संत, विचारक, लेखक, विश्लेषक, प्रवर्तक, नेता सब कुछ थे। उन्होंने केंद्र से स्वामी करपात्री जी के स्मृति में डाक टिकट जारी करने व वाराणसी से दिल्ली तक धर्मसम्राट एक्सप्रेस चलाने की मांग की। दिल्ली में स्वामी करपात्रीजी के नाम पर वेद शोध-अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का भी मांग की। इस मौके पर अवधेश राय, अजय राय मुन्ना, चितबड़ागाँव नगर पंचायत अध्यक्ष केशरीनंदन त्रिपाठी, डा. अश्फ़ाक सिद्दीक़ी, प्रमुख ज्ञानेंद्र राय गुड्डु, सुनील सहनी, कृष्णा मिश्रा, रीता वर्मा ने भी विचार रखे।
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