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नहीं सुधरे तो होगी बड़ी कार्रवाई, काम नहीं आएगी कोई सिफारिश : उपेंद्र

Sat, 17 Nov 2018 12:27 AM IST
Updated Sat, 17 Nov 2018 12:27 AM IST
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नहीं सुधरे तो होगी बड़ी कार्रवाई, काम नहीं आएगी कोई सिफारिश : उपेंद्र
बलिया। राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारना भी एक है। समय रहते सभी चिकित्साधिकारी सचेत हो जाएं और ईमानदारी से दायित्वों का निर्वहन करें। अन्यथा लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई होगी तो कोई सिफारिश काम नहीं आएगी। गुरुवार की देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा में मंत्री तिवारी ने स्पष्ट किया कि योगी सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ मजाक करने वालों की खैर नहीं है।
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समीक्षा के दौरान मंत्री ने अस्पतालवार चिकित्सकों से पूछताछ की और जिनके यहां कमी मिली उनके पेंच भी कसे। कहा कि लापरवाही हुई तो सिर्फ कार्रवाई ही नहीं होगी, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले जेल भी जाएंगे। बैठक से गायब डिप्टी सीएमओ आरके सिंह का स्पष्टीकरण तलब किया। सीएमओ डॉ एसपी राय को निर्देश दिया कि सभी चारों डिप्टी सीएमओ के कार्य का विभाजन कर उपलब्ध करा दें। एसीएमओ के स्तर से जो 11 अधिकारी हैं, उनसे भी कार्य संबंधी पूछताछ की। सीयर के प्रभारी पूर्व सूचना के बावजूद जरूरी अभिलेख नहीं लाए थे। उनके अस्पताल की तमाम शिकायतें मिलने और कोई खास सुधार नहीं होने पर मंत्री ने क्लास लगाई। नरहीं के प्रभारी से मंत्री ने सवाल किया कि वहां तैनात चिकित्सकों में कितने डाक्टर ड्यूटी करते हैं, इस पर प्रभारी ने चुप्पी साध ली। यह सब वहां दुर्व्यवस्था बयां करने के लिए काफी थी। सुधार के लिए एक बार फिर हिदायत दी।
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सरकारी अस्पताल में ड्यूटी में लापरवाही क्यों?
बलिया। सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था में लापरवाही पर मंत्री ने डॉक्टरों से दो टूक सवाल किया कि सरकारी धन से एमबीबीएस जैसी महंगी पढ़ाई की जाती है, तो फिर सरकारी अस्पतालों में इलाज करने में लापरवाही क्यों ? आखिर सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज क्यों नहीं कर पाते। जबकि प्राइवेट में उन्हीं के आवास पर मरीजों की भीड़ लगी रहती है। इससे साफ है कि वही डाक्टर रुचि लेकर प्राइवेट में अपना बेहतर कार्य देते हैं। उन्होंने अपील की कि सरकारी अस्पताल में आने वाले कमजोर वर्ग के लोगों को बेहतर चिकित्सा व्यवस्था मुहैया कराई जाए। यही सरकार की मंशा है।
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