फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   इस सरकार में शिक्षक आत्महत्या करने को मजबूर

इस सरकार में शिक्षक आत्महत्या करने को मजबूर

Mon, 21 May 2018 11:28 PM IST
Updated Mon, 21 May 2018 11:28 PM IST
विज्ञापन
इस सरकार में शिक्षक आत्महत्या करने को मजबूर
बलिया। शिक्षामित्रों ने प्रदेश संगठन के आह्वान पर सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन का आयोजन कर सरकार के खिलाफ बुद्धि शुद्धि के लिए यज्ञ किया। इस दौरान जनपद के कई कर्मचारी संगठनों के अलावा हजारों की संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित रहे। सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील पांडेय कान्ह ने कहा कि इस सरकार में शिक्षक आत्महत्या करने को मजबूर हैं। सरकार ने शिक्षकों के साथ केवल वादाखिलाफी ही नहीं की बल्कि उनकी हत्या की है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला मंत्री वेद प्रकाश पांडेय ने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्र और कर्मचारियों को धोखा दिया। शिक्षक नेता जगत नारायण चौबे ने कहा कि जिस राज्य में शिक्षक रोता है, उस राज्य की सरकार का भाग्य हमेशा के लिए सो जाता है। आदर्श समायोजित शिक्षक/ शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह प्रवक्ता ने कहा कि शिक्षामित्रों ने 17 बरस की तपस्या के बाद बेसिक शिक्षा विभाग को अपनी तपस्या के बल पर बुलंदी तक पहुंचाने का काम किया, लेकिन जब शिक्षामित्रों की बारी आई तो सरकार न्यायालय का बहाना बनाकर इनका शोषण करते हुए इनके साथ अन्याय कर रही हैं। इस मौके पर सुशील त्रिपाठी , श्याम कुमार शर्मा , अजय शक्ति यादव, राजेश सिंह ,इंद्रजीत यादव, अनेश मिश्रा, प्रमोद सिंह , राजेश अंचल, अनूप तिवारी, संतोष सिह ,चंद्रशेखरभ सिंह, माधव सिंह, नंदलाल प्रसाद, श्री भगवान चौहान, ज्ञान प्रकाश मिश्रा, सुशील मिश्रा, अजय पांडेय आदि लोग रहे। अध्यक्षता शिव शंकर तिवारी तथा संचालन अनिल मिश्रा ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed