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नहीं सुधर रही आपूति व्यवस्था, हर महीने किया जाता है खेल

Sun, 09 Jun 2019 10:04 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jun 2019 10:04 PM IST
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नहीं सुधर रही आपूति व्यवस्था, हर महीने किया जाता है खेल
बलिया। राशन कार्ड फीडिंग से वितरण तक सार्वजनिक वितरण व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। अधिकारियों की मिलीभगत से माफिया खाद्यान्न की कालाबाजारी कर रहे हैं। आपूर्ति विभाग में अभी तक कार्डधारकों का डाटा दुरुस्त नहीं हो सका है।
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता नहीं आ सकी है। आपूर्ति विभाग में अभी तक कार्डधारकों का डाटा दुरुस्त नहीं हो सका है। जिले में केवल दो तरह के राशन कार्ड प्रचलन में हैं। इसमें अन्त्योदय के 101672 तथा पात्र गृहस्थी के 503328 कार्डधारक हैं। पात्र गृहस्थी के ग्रामीण इलाकों में 464722 व नगरीय इलाकों में 38606 तथा अन्त्योदय के ग्रामीण इलाकों में 91640 व नगरीय इलाकों में 10032 कार्ड बने हैं। इन कार्डधारकों के डाटा फीडिंग का काम करीब ढाई सालों से चल रहा है लेकिन आज तक इसे दुरुस्त नहीं किया जा सका और इसकी आड़ में आए दिन राशन कार्ड को काटने व जोड़ने का खेल किया जा रहा है। इसके चलते उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। वितरण के लिए अलग-अलग कोटेदारों के लिए अलग-अलग तिथि निर्धारित होती है और इसके लिए पर्यवेक्षक भी तैनात किए जाते हैं। लेकिन इस दौरान भी सूची में नामों को काटने जोड़ने का खेल होता है।
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आपूर्ति व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से त्रिस्तरीय सत्यापन व वितरण तिथि पर पर्यवेक्षक की तैनाती का प्रावधान किया गया है। इसके तहत महीने के 25 तारीख से लेकर अंतिम तिथि तक गोदाम से कोटेदारों को उठान देना और वितरण माह के एक से चार तारीख तक संबंधित क्षेत्र के लेखपाल व ग्राम पंचायत सचिव की ओर से कोटेदार के स्टॉक का सत्यापन करने की व्यवस्था है। महीने के पांच तारीख से वितरण तिथि शुरु होती है जो अलग-अलग कोटेदारों के लिए अलग-अलग वितरण तिथि होती है। वितरण तिथि पर होने वाले वितरण की मॉनीटरिंग के लिए प्रत्येक कोटे की दुकान के लिए एक पर्यवेक्षक नामित होते हैं और इनकी उपस्थिति में वितरण कराने का प्रावधान है। वितरण के बाद प्रधान, पर्यवेक्षक आदि के प्रमाण पत्र के आधार पर ही कोटेदार को अगले माह में उठान दिया जाता है लेकिन हर महीने कोटे की दुकानों पर वितरण में गड़बड़ी की जाती है और यह न तो किसी पर्यवेक्षक के निगाह में आता है और न ही त्रिस्तरीय सत्यापन के लिए तैनात कर्मी ही पकड़ पाते हैं।
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इनसेट...
एक माह में पात्र गृहस्थी के 34503 व अंत्योदय के 15 कार्ड सूची से हुए गायब
बलिया। राशनकार्ड घटाने व बढ़ाने का काम हर महीने पूर्ति विभाग की ओर से किया जाता है। मई में जिले में पात्र गृहस्थी के कुल 537831 तथा अन्त्योदय के कुल 101687 कार्ड प्रचलन में थे। इसमें पात्र गृहस्थी के ग्रामीण इलाकों में 499388, शहरी इलाकों में 38443 तथा अंत्योदय के ग्रामीण इलाकों में 91651, शहरी इलाकों में 10033 थे। लेकिन नौ जून 19 को यह संख्या पात्र गृहस्थी के 503328 व अंत्योदय के 101672 हो गया। इसमें ग्रामीण इलाकों में पात्र गृहस्थी के 464722 व नगरीय क्षेत्र में 38606 तथा अंत्योदय के ग्रामीण इलाकों में 91640 व नगरीय क्षेत्र में 10032 है। हैरानी की बात है कि जिले के लिए अंत्योदय का लक्ष्य 101701 कार्ड लक्ष्य करीब 10 सालों से निर्धारित है और इसके सापेक्ष हर महीने शासन की ओर से अनाज भी मुहैया कराया जाता है।

इनसेट...
राशनकार्ड फीडिंग और आधार लिंक करने का काम चल रहा है। जल्द ही यह कार्य पूरा हो जाएगा। कुछ सिंगल यूनिट के कार्ड थे जो आधार से लिंक न होने के कारण कट गए। -केजी पांडेय, डीएसओ, बलिया
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