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सार्वजनिक भूमि पर कब्जे को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण
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सार्वजनिक भूमि पर कब्जे को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण
- फोटो : amar ujala
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नगरा। क्षेत्र के ताड़ीबड़ा गांव में सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे के विरोध में शनिवार को ग्रामीण धरने पर बैठ गए। इसकी जानकारी होने पर पहुंची पुलिस ने मौके पर गिराई गई मिट्टी को हटवा कर तीन घंटे बाद ग्रामीणों का धरना समाप्त कराया।
ताड़ीबड़ा गांव में रविवार और गुरुवार को बाजार लगता है। बाजार के बगल में ही खाली स्थान पर एक भवन था जहां आजादी की लड़ाई में क्षेत्र व जिले के सेनानी रणनीति बनाते थे और रात्रि विश्राम भी करते थे। आजादी के बाद इस स्थान पर सुभाष इंटर कॉलेज बना और राष्ट्रीय पर्व पर यहां झंडारोहण भी किया जाता है। करीब डेढ़ दशक से खाली स्थल पर बना भवन जर्जर होकर गिर गया। इधर दो दिन से गांव का ही एक व्यक्ति खाली पड़े भूमि पर मिट्टी डालकर अवैध रूप से कब्जा कर रहा था। शनिवार की सुबह ग्रामीण पूर्व प्रधान प्रमोद कुमार सिंह पप्पू के नेतृत्व में बाजार में इकट्ठा हो गए तथा कब्जा कर रहे व्यक्ति को सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने से मना किया, जिस पर वह व्यक्ति पूर्व प्रधान के साथ हाथापाई पर उतारू हो गया। इससे नाराज कृपाशंकर तिवारी, प्रधान प्रतिनिधि गज्जन राजभर,रामाश्रय यादव, सर्वजीत सिंह, रामबदन सिंह, सुखदेव राजभर आदि उप जिलाधिकारी रसड़ा तहसीलदार रसड़ा और नगरा पुलिस को सूचना देते हुए धरना पर बैठ गए। मौके पर पहुंची नगरा पुलिस ने हो रहे कब्जा को रोक दिया और तथा वस्तुस्थिति से एसडीएम को अवगत कराया। एसडीएम के निर्देश पर पहुंची राजस्व महकमे की टीम ने खाली स्थल को बाजार का हिस्सा बताते हुए खाली करने को कहा। इस पर पुलिस ने खाली जमीन पर डाली गई मिट्टी को मजदूरों से हटवाया गया। पुलिस द्वारा मिट्टी हटवाने के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।
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ताड़ीबड़ा गांव में रविवार और गुरुवार को बाजार लगता है। बाजार के बगल में ही खाली स्थान पर एक भवन था जहां आजादी की लड़ाई में क्षेत्र व जिले के सेनानी रणनीति बनाते थे और रात्रि विश्राम भी करते थे। आजादी के बाद इस स्थान पर सुभाष इंटर कॉलेज बना और राष्ट्रीय पर्व पर यहां झंडारोहण भी किया जाता है। करीब डेढ़ दशक से खाली स्थल पर बना भवन जर्जर होकर गिर गया। इधर दो दिन से गांव का ही एक व्यक्ति खाली पड़े भूमि पर मिट्टी डालकर अवैध रूप से कब्जा कर रहा था। शनिवार की सुबह ग्रामीण पूर्व प्रधान प्रमोद कुमार सिंह पप्पू के नेतृत्व में बाजार में इकट्ठा हो गए तथा कब्जा कर रहे व्यक्ति को सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने से मना किया, जिस पर वह व्यक्ति पूर्व प्रधान के साथ हाथापाई पर उतारू हो गया। इससे नाराज कृपाशंकर तिवारी, प्रधान प्रतिनिधि गज्जन राजभर,रामाश्रय यादव, सर्वजीत सिंह, रामबदन सिंह, सुखदेव राजभर आदि उप जिलाधिकारी रसड़ा तहसीलदार रसड़ा और नगरा पुलिस को सूचना देते हुए धरना पर बैठ गए। मौके पर पहुंची नगरा पुलिस ने हो रहे कब्जा को रोक दिया और तथा वस्तुस्थिति से एसडीएम को अवगत कराया। एसडीएम के निर्देश पर पहुंची राजस्व महकमे की टीम ने खाली स्थल को बाजार का हिस्सा बताते हुए खाली करने को कहा। इस पर पुलिस ने खाली जमीन पर डाली गई मिट्टी को मजदूरों से हटवाया गया। पुलिस द्वारा मिट्टी हटवाने के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।
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