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कुंडी तोड़कर चोरों ने नकदी व लाखों का आभूषण उड़ाया
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चोरों ने नकदी व लाखों का आभूषण उड़ाया
- फोटो : amar ujala
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चितबड़ागांव। नगर के वार्ड संख्या चार स्थित चंद्रमा यादव के घर का सोमवार की देर रात ताला तोड़कर चोर नकद और कीमती आभूषण उठा ले गए। परिवार के लोग बरामदे में सोए थे लेकिन उन्हें चोरों की भनक तक नहीं लगी। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल की निरीक्षण किया। पीड़ित परिवार ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध थाने में तहरीर दी है।
कस्बा के वार्ड नंबर-चार मालवीय नगर निवासी चंद्रमा यादव के परिवार के सदस्य प्रतिदिन की भांति सोमवार की रात भोजन करने के बाद बरामदे में सो रहे थे। इसबीच चोर घर का ताला तोड़ दिया और अंदर घुस गए। चोर बक्से को लेकर घर से करीब दो सौ मीटर दूरी पर लेकर चले गए। जहां बक्से का ताला तोड़ उसमें रखे पांच हजार रुपये नकद, मंगलसूत्र, पायल, मांग टीका सहित कीमती कपड़े लेकर चले गए। बरामदे में सो रहे सदस्यों को भनक तक नहीं लगने दी।
पीड़िता माया देवी ने बताया कि मेरे पति विगत कई वर्ष पहले घर से कहीं चले गए थे लेकिन अबतक नहीं लौटे। किसी तरह छह पुत्री व एक पुत्र का पालन-पोषण मेहनत मजदूरी करके करती हूं। चार पुत्रियों की शादी कर चुकी हूं। अभी भी दो बेटी तथा एक पुत्र का भरण-पोषण मेहनत मजदूरी करके कर रही हूं। बताया कि एक लड़की की शादी भी तय कर दी थी। जिसकी शादी के लिए धीरे-धीरे गहना, नकदी आदि की व्यवस्था कर रही थी। जिसे चोरों ने चुराकर मेरा जीना दूभर कर दिया। अब बेटी की शादी कैसे होगी..यह कहकर फफक रोने लगी।
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कस्बा के वार्ड नंबर-चार मालवीय नगर निवासी चंद्रमा यादव के परिवार के सदस्य प्रतिदिन की भांति सोमवार की रात भोजन करने के बाद बरामदे में सो रहे थे। इसबीच चोर घर का ताला तोड़ दिया और अंदर घुस गए। चोर बक्से को लेकर घर से करीब दो सौ मीटर दूरी पर लेकर चले गए। जहां बक्से का ताला तोड़ उसमें रखे पांच हजार रुपये नकद, मंगलसूत्र, पायल, मांग टीका सहित कीमती कपड़े लेकर चले गए। बरामदे में सो रहे सदस्यों को भनक तक नहीं लगने दी।
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पीड़िता माया देवी ने बताया कि मेरे पति विगत कई वर्ष पहले घर से कहीं चले गए थे लेकिन अबतक नहीं लौटे। किसी तरह छह पुत्री व एक पुत्र का पालन-पोषण मेहनत मजदूरी करके करती हूं। चार पुत्रियों की शादी कर चुकी हूं। अभी भी दो बेटी तथा एक पुत्र का भरण-पोषण मेहनत मजदूरी करके कर रही हूं। बताया कि एक लड़की की शादी भी तय कर दी थी। जिसकी शादी के लिए धीरे-धीरे गहना, नकदी आदि की व्यवस्था कर रही थी। जिसे चोरों ने चुराकर मेरा जीना दूभर कर दिया। अब बेटी की शादी कैसे होगी..यह कहकर फफक रोने लगी।
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