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पशुपालकों को किया जाएगा नंदबाबा पुरस्कार से सम्मानित
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:11 AM IST
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बांसडीह। सरकार देसी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू कर रही है। इसके तहत देसी गायों के पालन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर दुग्ध उत्पादन करने वाले किसानों को नंदबाबा पुरस्कार दिया जाएगा। इसी के उपलक्ष्य में गोपाष्टमी पर पशुपालन विभाग ने गुरुवार को दूध उत्पादन प्रतियोगिता एवं पं. दीनदयाल पशु आरोग्य मेला/शिविर का आयोजन बांसडीह विकासखंड के देवडीह में किया। इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य मालती राजभर ने गो पूजन कर किया। 15 से 17 नवंबर तक प्रतियोगिता होगी।
कार्यक्रम में उपस्थित पशुपालकों को संबोधित करते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक मिश्रा ने कहा कि देसी नस्ल की गायों में रोगों से लड़ने की क्षमता अधिक होती हैं। इसलिए इनके पालन को सरकार बढ़ावा दे रही है। शासन द्वारा गोपाष्टमी पर प्रत्येक विकास खंड स्तर पर देसी नस्ल की गायों का दूध दोहन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर नंद बाबा पुरस्कार हेतु देसी नस्ल की गायों को पालने वाले पशुपालकों का चयन प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार हेतु चयन किया जाएगा। जिसमें प्रथम विजेता को 51 हजार, द्वितीय विजेता को 21 हजार एवं तृतीय के लिए 51सौ रुपये तथा शील्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार केवल उन्हीं किसानों को दिया जाएगा जो देसी नस्ल की गायों का पालते हैं और सहकारी संघ की समितियों के सदस्य हैं। प्रतिवर्ष 1500 लीटर दूध संघ को दिया हो।
उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी बांसडीह ने दुग्ध दोहन प्रतियोगिता में दूध उतारने में आक्सीटोसिन से होने वाले नुकसान, स्वच्छ दूध निकालना, बीमारियों से संबंधित जानकारी एवं पशुओं को संतुलित आहार दिये जाने के संबंध में जानकारी दी। रामजी यादव दुग्ध उत्पादक सहकारिता संघ लि. आजमगढ़ ने मेले में आए हुए पशुओं के पंजीकरण किया। मेले में आए पशुओं की चिकित्सा एवं नि: शुल्क दवा वितरण डॉ. मनोज राव, डॉ सुनिल सिंह, डॉ. ओमप्रकाश प्रजापति द्वारा किया गया। मेले में उपस्थित सभी आगंतुकों के प्रति उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ज्ञान प्रकाश ने आभार प्रकट किया।
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कार्यक्रम में उपस्थित पशुपालकों को संबोधित करते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक मिश्रा ने कहा कि देसी नस्ल की गायों में रोगों से लड़ने की क्षमता अधिक होती हैं। इसलिए इनके पालन को सरकार बढ़ावा दे रही है। शासन द्वारा गोपाष्टमी पर प्रत्येक विकास खंड स्तर पर देसी नस्ल की गायों का दूध दोहन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर नंद बाबा पुरस्कार हेतु देसी नस्ल की गायों को पालने वाले पशुपालकों का चयन प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार हेतु चयन किया जाएगा। जिसमें प्रथम विजेता को 51 हजार, द्वितीय विजेता को 21 हजार एवं तृतीय के लिए 51सौ रुपये तथा शील्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार केवल उन्हीं किसानों को दिया जाएगा जो देसी नस्ल की गायों का पालते हैं और सहकारी संघ की समितियों के सदस्य हैं। प्रतिवर्ष 1500 लीटर दूध संघ को दिया हो।
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उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी बांसडीह ने दुग्ध दोहन प्रतियोगिता में दूध उतारने में आक्सीटोसिन से होने वाले नुकसान, स्वच्छ दूध निकालना, बीमारियों से संबंधित जानकारी एवं पशुओं को संतुलित आहार दिये जाने के संबंध में जानकारी दी। रामजी यादव दुग्ध उत्पादक सहकारिता संघ लि. आजमगढ़ ने मेले में आए हुए पशुओं के पंजीकरण किया। मेले में आए पशुओं की चिकित्सा एवं नि: शुल्क दवा वितरण डॉ. मनोज राव, डॉ सुनिल सिंह, डॉ. ओमप्रकाश प्रजापति द्वारा किया गया। मेले में उपस्थित सभी आगंतुकों के प्रति उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ज्ञान प्रकाश ने आभार प्रकट किया।
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