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भारत सरकार को कठोर गौ रक्षा कानून बनाना चाहिए : अभिषेक ब्रह्मचारी
Updated Tue, 06 Nov 2018 11:50 PM IST
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बलिया। युवा चेतना के तत्वावधान में मंगलवार को सात नवंबर 1966 को गो रक्षा आंदोलन में शहीद हुए संतों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। नगर के एक होटल सभागार में आयोजित सभा में धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के चित्र पर स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी, युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह एवं अन्य गणमान्य लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
श्रद्धांजलि सभा का उद्घाटन करते हुए स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की करपात्री जी ने आजीवन देश के उत्थान के लिए कार्य किया। सात नवंबर 1966 को गोरक्षा महाभियान समिति के संचालक व सनातनी करपात्री जी महाराज ने दिल्ली में चांदनी चौक स्थित आर्य समाज मंदिर से अपना सत्याग्रह आरंभ किया। महाराज के नेतृत्व में जगन्नाथपुरी, ज्योतिष पीठ व द्वारका पीठ के शंकराचार्य, वल्लभ संप्रदाय की सातों पीठों के पीठाधिपति, रामानुज संप्रदाय, माधव संप्रदाय, रामानंदाचार्य, आर्यसमाज, नाथ संप्रदाय, जैन, बौद्ध व सिख समाज के प्रतिनिधि, सिखों के निहंग व हजारों की संख्या में नागा साधुओं को पं. लक्ष्मीनारायण जी ने विशाल जुलूस निकाला था। दोपहर करीब एक बजे जुलूस संसद भवन पर पहुंचा। यहां सभा में आर्य समाज के स्वामी रामेश्वरानंद भाषण देने के लिए खड़े हुए और संबोधन शुरू किया। इसी बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर पुलिस ने आंदोलन का दबाना शुरू किया। निहत्थे करपात्री महाराज और संतों पर गोली चलाने के आदेश दिए गए। पुलिस ने लाठी और अश्रुगैस चलाना शुरू कर दिया। अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इसमें साधु और गोरक्षकों की जान चली गई। श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता करते हुए युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा कि करपात्री जी सच्चे राष्ट्रवादी थे। जब देश का विभाजन धर्म के आधार पर हो रहा था तब करपात्री जी ने देश की अखंडता के लिए प्रदर्शन किया था। सिंह ने कहा कि करपात्री जी को सच्ची श्रद्धांजलि तब होगी जब देश में मजबूत गो रक्षा क़ानून बनेगा।
युवा चेतना प्रमुख रोहित कुमार सिंह ने कहा कि सिंह ने कहा कि हिंदुस्तान सर्व धर्म समभाव में विश्वास रखने वाला देश है, परंतु राजनीतिक पार्टियां धर्म के आधार पर हम लोगों को बांटने का प्रयास कर रही हैं। ऐसी परिस्थिति में लोगों को एकजुट होना होगा। महंत कौशलेंद्र गिरि, औसाफ उफ़ॱर चांद ने कहा कि सभी धर्म के लोग चाहते हैं की देश में राम मंदिर का निर्माण हो और कठोर गो रक्षा कानून लागू हो। कार्यक्रम के आयोजक युवा चेतना के महासचिव मुन्ना राय ने अतिथियों को अंगवस्त्रम और गो की मूर्ति देकर सम्मानित किया। जिला पंचायत सदस्य अवधेश राय, अभिराम त्रिपाठी, अजीत मिश्रा, रघुपति सिंह, अभिराम त्रिपाठी, चन्द्रप्रकाश सिंह, अमित सिंह, नरोत्तम बाग़ी, अनिल तिवारी, रविंद्र तिवारी, चंद्रकेश राय, रोहित राय, अवधेश सिंह, मोहन सिंह, रामबाबू सिंह, मिट्ठू पांडेय, रीता वर्मा एवं निभा पांडेय ने श्रद्धांजलि सभा को संबोधित किया।
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श्रद्धांजलि सभा का उद्घाटन करते हुए स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की करपात्री जी ने आजीवन देश के उत्थान के लिए कार्य किया। सात नवंबर 1966 को गोरक्षा महाभियान समिति के संचालक व सनातनी करपात्री जी महाराज ने दिल्ली में चांदनी चौक स्थित आर्य समाज मंदिर से अपना सत्याग्रह आरंभ किया। महाराज के नेतृत्व में जगन्नाथपुरी, ज्योतिष पीठ व द्वारका पीठ के शंकराचार्य, वल्लभ संप्रदाय की सातों पीठों के पीठाधिपति, रामानुज संप्रदाय, माधव संप्रदाय, रामानंदाचार्य, आर्यसमाज, नाथ संप्रदाय, जैन, बौद्ध व सिख समाज के प्रतिनिधि, सिखों के निहंग व हजारों की संख्या में नागा साधुओं को पं. लक्ष्मीनारायण जी ने विशाल जुलूस निकाला था। दोपहर करीब एक बजे जुलूस संसद भवन पर पहुंचा। यहां सभा में आर्य समाज के स्वामी रामेश्वरानंद भाषण देने के लिए खड़े हुए और संबोधन शुरू किया। इसी बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर पुलिस ने आंदोलन का दबाना शुरू किया। निहत्थे करपात्री महाराज और संतों पर गोली चलाने के आदेश दिए गए। पुलिस ने लाठी और अश्रुगैस चलाना शुरू कर दिया। अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इसमें साधु और गोरक्षकों की जान चली गई। श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता करते हुए युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा कि करपात्री जी सच्चे राष्ट्रवादी थे। जब देश का विभाजन धर्म के आधार पर हो रहा था तब करपात्री जी ने देश की अखंडता के लिए प्रदर्शन किया था। सिंह ने कहा कि करपात्री जी को सच्ची श्रद्धांजलि तब होगी जब देश में मजबूत गो रक्षा क़ानून बनेगा।
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युवा चेतना प्रमुख रोहित कुमार सिंह ने कहा कि सिंह ने कहा कि हिंदुस्तान सर्व धर्म समभाव में विश्वास रखने वाला देश है, परंतु राजनीतिक पार्टियां धर्म के आधार पर हम लोगों को बांटने का प्रयास कर रही हैं। ऐसी परिस्थिति में लोगों को एकजुट होना होगा। महंत कौशलेंद्र गिरि, औसाफ उफ़ॱर चांद ने कहा कि सभी धर्म के लोग चाहते हैं की देश में राम मंदिर का निर्माण हो और कठोर गो रक्षा कानून लागू हो। कार्यक्रम के आयोजक युवा चेतना के महासचिव मुन्ना राय ने अतिथियों को अंगवस्त्रम और गो की मूर्ति देकर सम्मानित किया। जिला पंचायत सदस्य अवधेश राय, अभिराम त्रिपाठी, अजीत मिश्रा, रघुपति सिंह, अभिराम त्रिपाठी, चन्द्रप्रकाश सिंह, अमित सिंह, नरोत्तम बाग़ी, अनिल तिवारी, रविंद्र तिवारी, चंद्रकेश राय, रोहित राय, अवधेश सिंह, मोहन सिंह, रामबाबू सिंह, मिट्ठू पांडेय, रीता वर्मा एवं निभा पांडेय ने श्रद्धांजलि सभा को संबोधित किया।
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