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विवाहिता के साथ थाने में छेड़खानी के मामले में एसडीएम सहित आठ कोर्ट में तलब
Updated Tue, 06 Mar 2018 11:04 PM IST
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बलिया। बैरिया थाने में दहेज उत्पीड़न के मामले में न्याय मांगने के लिए थाने गई विवाहिता की पिटाई एवं छेड़खानी के बाद गलत तरीके से शांति भंग की आशंका में पाबंद किए जाने के मामले में सीजेएम मो. आजाद की अदालत ने मंगलवार को तत्कालीन एसडीएम बैरिया, एसओ बैरिया संजय सिंह, एसआई सुरेंद्र सहित आठ पुलिस कर्मियों को छेड़खानी और मारपीट करने के आरोप में सम्मन जारी कर तलब किया।
क्षेत्र के नवका टोला निवासिनी नेहा पुत्री शिवजी सिंह ने कोर्ट में दाखिल परिवाद में आरोप लगाया है कि 11 अगस्त 2016 को बैरिया थाने में ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दिए गए तहरीर के बारे में जानकारी लेने गई तो मामले के विवेचक सुरेंद्र सिंह और एसओ संजय सिंह से मिली। अपने दर्ज कराए गए मुकदमे के बारे में पूछताछ की तो जबरिया भगाते हुए बोला कि तुुम्हें जो करना है करो, मुझे जो करना था कर दिया। इसके बाद अनशन पर बैठ गई तो मेरा बाल पकड़ पिटाई करने लगे। इसी बीच मेरे भाई कमलेश और भोला, अजय और जयराम आ गए। उनको भी पुलिस ने पीटा। एसडीएम बैरिया अरविंद कुमार आए और पुलिस से मिलकर मेडिकल थाने में ही चिकित्सक से कराया। एसडीएम ने कहा कि सबकों शांति भंग के मुकदमा दर्ज कर जेल भेजो। इस मामले में पीड़िता की ओर से दूसरे दिन जमानत प्रार्थना पत्र और बंध पत्र दिया तो एसडीएम ने बिना आदेश के ही फाइल रख दिया और जिला कारागार में भेज दिया। करीब एक सप्ताह बाद एसडीएम ने जमानत दिया। इस मामले में दाखिल परिवाद पर सुनवाई करते हुए सीजेएम मो. आजाद की अदालत ने तत्कालीन एसडीएम बैरिया, एसओ बैरिया संजय सिंह, एसआई सुरेंद्र सहित आठ पुलिस कर्मियों को छेड़खानी और मारपीट करने के आरोप में सम्मन जारी कर तलब किया।
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क्षेत्र के नवका टोला निवासिनी नेहा पुत्री शिवजी सिंह ने कोर्ट में दाखिल परिवाद में आरोप लगाया है कि 11 अगस्त 2016 को बैरिया थाने में ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दिए गए तहरीर के बारे में जानकारी लेने गई तो मामले के विवेचक सुरेंद्र सिंह और एसओ संजय सिंह से मिली। अपने दर्ज कराए गए मुकदमे के बारे में पूछताछ की तो जबरिया भगाते हुए बोला कि तुुम्हें जो करना है करो, मुझे जो करना था कर दिया। इसके बाद अनशन पर बैठ गई तो मेरा बाल पकड़ पिटाई करने लगे। इसी बीच मेरे भाई कमलेश और भोला, अजय और जयराम आ गए। उनको भी पुलिस ने पीटा। एसडीएम बैरिया अरविंद कुमार आए और पुलिस से मिलकर मेडिकल थाने में ही चिकित्सक से कराया। एसडीएम ने कहा कि सबकों शांति भंग के मुकदमा दर्ज कर जेल भेजो। इस मामले में पीड़िता की ओर से दूसरे दिन जमानत प्रार्थना पत्र और बंध पत्र दिया तो एसडीएम ने बिना आदेश के ही फाइल रख दिया और जिला कारागार में भेज दिया। करीब एक सप्ताह बाद एसडीएम ने जमानत दिया। इस मामले में दाखिल परिवाद पर सुनवाई करते हुए सीजेएम मो. आजाद की अदालत ने तत्कालीन एसडीएम बैरिया, एसओ बैरिया संजय सिंह, एसआई सुरेंद्र सहित आठ पुलिस कर्मियों को छेड़खानी और मारपीट करने के आरोप में सम्मन जारी कर तलब किया।
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