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एक कानूनगो तथा दो लेखपाल के खिलाफ निलंबन की संस्तुति
Updated Sat, 02 Sep 2017 10:47 PM IST
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बलिया। फर्जी तरीके से नामांतरण करने के मामले में एक राजस्व निरीक्षक और दो लेखपालों के निलंबन की संस्तुति एसडीएम सदर ने करते हुए डीएम को रिपोर्ट भेजी है। इसको लेकर सदर तहसील में खलबली मची है। उधर, पीड़ित किसान ने कानूनगो, लेखपाल और जमीन रजिस्ट्री कराने वालों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग डीएम से की है। फर्जी नामांतरण का खुलासा अमर उजाला ने 13 अगस्त में किया और इसके बाद से ही अधिकारियों की ओर से लगातार कार्रवाई जारी है।
सोहांव ब्लाक के भरौली गांव के किसान सिद्धनाथ राय के 11 मौजे के जमीनों पर तथ्यों को छिपाकर राजस्वकर्मियों ने कर दिया। इसकी भनक लगने पर राय ने मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए डीएम से गुहार लगाई। डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने तहसीलदार से नामांतरण के बाबत पूरी रिपोर्ट मांगी। इसी बीच 11 मौजे में तैनात पांच लेखपालों में से दो ने एसडीएम को लिखित देकर बताया कि उनकी ओर से कोई नामांतरण नहीं किया गया है। जांच के बाद अधिकारियों ने तथ्यों को छिपाकर किए गए नामांतरण को निरस्त करने के बाद इस मामले में संलिप्त कर्मियों की जांच की। जांच में सामने आया कि सोहांव क्षेत्र में कानूनगो उपलब्ध रहने के बावजूद फेफना कानूनगो के आदेश पर तीन लेखपालों ने नामांतरण किया है। लेकिन इसमें भी एक लेखपाल ने अधिकारियों को बताया कि उसकी यहां नई नियुक्ति हुई है। उसे क्षेत्र के पुराने लेखपालों ने नामांतरण करने को कहा था। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने तथ्यों को छिपाकर नामांतरण करने के मामले में एक कानूनगो तथा दो लेखपालों के निलंबन की संस्तुति करते हुए डीएम को रिपोर्ट भेज दिया है। एसडीमए की मानें तो नए लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया गया है। एसडीएम की इस कार्रवाई से सदर तहसील के कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। सूत्रों की मानें तो अधिकारी यह पता करने में जुटे हैं कि जब दो लेखपालों ने नामांतरण नहीं किया तो उनके स्थान पर नामांतरण किस लेखपाल ने किया?
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सोहांव ब्लाक के भरौली गांव के किसान सिद्धनाथ राय के 11 मौजे के जमीनों पर तथ्यों को छिपाकर राजस्वकर्मियों ने कर दिया। इसकी भनक लगने पर राय ने मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए डीएम से गुहार लगाई। डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने तहसीलदार से नामांतरण के बाबत पूरी रिपोर्ट मांगी। इसी बीच 11 मौजे में तैनात पांच लेखपालों में से दो ने एसडीएम को लिखित देकर बताया कि उनकी ओर से कोई नामांतरण नहीं किया गया है। जांच के बाद अधिकारियों ने तथ्यों को छिपाकर किए गए नामांतरण को निरस्त करने के बाद इस मामले में संलिप्त कर्मियों की जांच की। जांच में सामने आया कि सोहांव क्षेत्र में कानूनगो उपलब्ध रहने के बावजूद फेफना कानूनगो के आदेश पर तीन लेखपालों ने नामांतरण किया है। लेकिन इसमें भी एक लेखपाल ने अधिकारियों को बताया कि उसकी यहां नई नियुक्ति हुई है। उसे क्षेत्र के पुराने लेखपालों ने नामांतरण करने को कहा था। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने तथ्यों को छिपाकर नामांतरण करने के मामले में एक कानूनगो तथा दो लेखपालों के निलंबन की संस्तुति करते हुए डीएम को रिपोर्ट भेज दिया है। एसडीमए की मानें तो नए लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया गया है। एसडीएम की इस कार्रवाई से सदर तहसील के कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। सूत्रों की मानें तो अधिकारी यह पता करने में जुटे हैं कि जब दो लेखपालों ने नामांतरण नहीं किया तो उनके स्थान पर नामांतरण किस लेखपाल ने किया?
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