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गेहूं क्रय केंद्र अव्यवस्था के शिकार, बिचौलिए की कट रही चांदी
Updated Tue, 08 May 2018 11:44 PM IST
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बलिया। गेहूं क्रय केंद्र अव्यवस्था के शिकार हो गए हैं। बोरों और पैसों के साथ जगह की कमी के चलते कई क्रय केंद्रों पर खरीद बंद कर दी गई है। गोदाम के अभाव में खरीदे का गेहूं केंद्रों पर ही पड़ा है। किसानों की इस विवशता का लाभ कारोबारी उठाकर औने-पौने दाम में गेहूं की खरीद कर रहे हैं। इतना ही नहीं, क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद में बिचौलिए भी सक्रिय हैं, जो किसानों से बही खाता लेकर क्रय केंद्र प्रभारियों की मिली भगत से खेल कर रहे हैं। कई क्रय केंद्रों पर तो निर्धारित सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं है। इन अव्यवस्थाओं के चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शासन के निर्देश पर जिले में एक अप्रैल से ही गेहूं क्रय केंद्र संचालित हैं। किसानों की सुविधा को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से कुल 93 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसमें मार्केटिंग विभाग के 17, पीसीएफ के 50, एग्रो के चार, कर्मचारी कल्याण निगम के पांच, एनसीसीएफ के 10, एफसीआई के तीन व नेफेड के चार क्रय केंद्र हैं। शासन की ओर से जनपद में कुल छह लाख 57 हजार कुंतल गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और अब तक लक्ष्य के सापेक्ष करीब 43 फीसदी दो लाख 80 हजार 290 कुंतल गेहूं की खरीद हो चुकी है। लेकिन गेहूं खरीद की स्थिति धरातल पर कुछ और ही है। आलम यह है कि किसानों के गेहूं खरीद में हीलाहवाली की जा रही है तो क्रय केंद्र प्रभारियों की मिलीभगत से बिचौलिए अपना खेल कर रहे हैं। करीब तीन सप्ताह पहले डीएम ने कई केंद्रों पर खरीद में गड़बड़ियां पकड़ी थीं और एक क्रय केंद्र पर चार हजार बोरियां भी गायब मिली थीं। इसके अलावा चार दिनों पहले राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने भी मंडी स्थित क्रय केंद्र पर हुई धांधली को पकड़ा था। लेकिन इसके बावजूद गेहूं खरीद में बिचौलिए की भूमिका समाप्त नहीं हो रही है। बताया जाता है कि क्रय केंद्र प्रभारी बिचौलिए से साठगांठ कर बिचौलिए को सरकारी बोरियों तक मुहैया करा देते हैं जबकि किसानों को अपनी बोरियों में गेहूं क्रय केंद्रों पर लाना पड़ता है। क्रय केंद्रों पर शासन की ओर से इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र के अलावा किसानों के बैठने व ठहरने, अनाज को बोरियों में भरने व तौल आदि के लिए मजदूर, पेयजल आदि का इंतजाम करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन अधिकांश केंद्रों पर सुविधाओं का टोटा है। क्रय केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं का उठान नहीं होने के कारण कई क्रय केंद्र प्रभारियों ने गेहूं की खरीद भी रोक दी है, इसके चलते किसान परेशान हैं। विपणन विभाग का दावा है कि गेहूं की पैदावार अच्छी होने से खरीद का लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
तहसील क्षेत्र के लालगंज व रानीगंज (करमानपुर) हाट शाखा गेहूं क्रय केंद्र के अलावा साधन सहकारी समितियों को भी गेहूं क्रय केंद्र बनाया गया है। खासकर साधन सहकारी समितियों पर बने गेहूं क्रय केंद्रों पर खामियां साफ देखी जा रही हैं। इन क्रय केंद्रों के सचिव खरीद के लिए केंद्रों पर उपस्थित नहीं रहते, वहीं कुछ सचिव व सभापति क्रय करने के लिए सरकार से मिले सरकारी बोरियों को अपने घर ले जाकर बिचौलियों के हाथों सौंप दिए हैं। रानीगंज करमानपुर हाट शाखा गोदाम पर गेहूं खरीद कर खुले में रखे गए हैं। हालांकि शाम होने पर जैसे-तैसे बोरियों आदि से गेहूं भरी बोरियों को ढंकने का काम किया जाता है। क्रय केंद्रों पर अव्यवस्था के चलते छोटे किसान क्रय केंद्रों पर न जाकर बिचौलियों को ही गेहूं बेच देते हैं। किसानों की विवशता के चलते बिचौलिए औने-पौने दामों पर गेहूं खरीद कर कर क्रय केंद्रों पर खपाने काम कर रहे हैं। इस खेल में बिचौलियों द्वारा किसानों का बही-खाता ले लिया जा रहा है और उन्हें बोरियां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। कम कीमत पर गेहूं खरीद कर बिचौलिये क्रय केंद्रों पर किसानों के नाम पर बेच दे रहे हैं और किसानों के खाते में गेहूं का पैसा भेजे जाने के बाद बिचौलिए किसानों को 200 से 500 रुपये देकर सारा रुपये ले लेते हैं।
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सिकंदरपुर। विपणन केंद्र नवानगर सहित तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन स्थानों पर क्रय केंद्र खोले गए हैं, जहां शासन के मंशा के अनुसार खरीदारी तो हो रही है, लेकिन गोदाम भर जाने के कारण कई दिनों तक खरीदारी बंद हो जा रही है। जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान अपना गेहूं टालियों में भरकर क्रय केंद्र पर लेकर पहुंच तो जाता, लेकिन क्रय केंद्रों पर भी किसानों की भीड़ होने के कारण उनका नंबर दो से तीन दिन बाद आ रहा है। किसान अपना-अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर रात भर जग कर पहरेदारी कर रहे हैं। इस संबंध में केंद्र प्रभारी रमेश यादव ने बताया कि केंद्र पर खरीदारी प्रत्येक दिन की जा रही है। जगह अभाव के कारण बीच-बीच में खरीदारी बंद करना पड़ रहा है। गोदाम की तलाश जारी है जैसे ही गोदाम मिल जाएगा खरीदारी और तेजी से की जाएगी। इस बाबत जिला विपणन अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि एफसीआई गोदामों में खरीदे गए गेहूं रखने की जगह नहीं हैं, इसके चलते क्रय केंद्रों पर गेहूं डम्प हैं। गेहूं को सुरक्षित रखवाने के लिए गोदामों की तलाश की जा रही है। गेहूं डम्प होने के कारण खरीद जरुर कुछ प्रभावित हो रही है, जल्द ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा।
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शासन के निर्देश पर जिले में एक अप्रैल से ही गेहूं क्रय केंद्र संचालित हैं। किसानों की सुविधा को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से कुल 93 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसमें मार्केटिंग विभाग के 17, पीसीएफ के 50, एग्रो के चार, कर्मचारी कल्याण निगम के पांच, एनसीसीएफ के 10, एफसीआई के तीन व नेफेड के चार क्रय केंद्र हैं। शासन की ओर से जनपद में कुल छह लाख 57 हजार कुंतल गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और अब तक लक्ष्य के सापेक्ष करीब 43 फीसदी दो लाख 80 हजार 290 कुंतल गेहूं की खरीद हो चुकी है। लेकिन गेहूं खरीद की स्थिति धरातल पर कुछ और ही है। आलम यह है कि किसानों के गेहूं खरीद में हीलाहवाली की जा रही है तो क्रय केंद्र प्रभारियों की मिलीभगत से बिचौलिए अपना खेल कर रहे हैं। करीब तीन सप्ताह पहले डीएम ने कई केंद्रों पर खरीद में गड़बड़ियां पकड़ी थीं और एक क्रय केंद्र पर चार हजार बोरियां भी गायब मिली थीं। इसके अलावा चार दिनों पहले राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने भी मंडी स्थित क्रय केंद्र पर हुई धांधली को पकड़ा था। लेकिन इसके बावजूद गेहूं खरीद में बिचौलिए की भूमिका समाप्त नहीं हो रही है। बताया जाता है कि क्रय केंद्र प्रभारी बिचौलिए से साठगांठ कर बिचौलिए को सरकारी बोरियों तक मुहैया करा देते हैं जबकि किसानों को अपनी बोरियों में गेहूं क्रय केंद्रों पर लाना पड़ता है। क्रय केंद्रों पर शासन की ओर से इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र के अलावा किसानों के बैठने व ठहरने, अनाज को बोरियों में भरने व तौल आदि के लिए मजदूर, पेयजल आदि का इंतजाम करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन अधिकांश केंद्रों पर सुविधाओं का टोटा है। क्रय केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं का उठान नहीं होने के कारण कई क्रय केंद्र प्रभारियों ने गेहूं की खरीद भी रोक दी है, इसके चलते किसान परेशान हैं। विपणन विभाग का दावा है कि गेहूं की पैदावार अच्छी होने से खरीद का लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
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तहसील क्षेत्र के लालगंज व रानीगंज (करमानपुर) हाट शाखा गेहूं क्रय केंद्र के अलावा साधन सहकारी समितियों को भी गेहूं क्रय केंद्र बनाया गया है। खासकर साधन सहकारी समितियों पर बने गेहूं क्रय केंद्रों पर खामियां साफ देखी जा रही हैं। इन क्रय केंद्रों के सचिव खरीद के लिए केंद्रों पर उपस्थित नहीं रहते, वहीं कुछ सचिव व सभापति क्रय करने के लिए सरकार से मिले सरकारी बोरियों को अपने घर ले जाकर बिचौलियों के हाथों सौंप दिए हैं। रानीगंज करमानपुर हाट शाखा गोदाम पर गेहूं खरीद कर खुले में रखे गए हैं। हालांकि शाम होने पर जैसे-तैसे बोरियों आदि से गेहूं भरी बोरियों को ढंकने का काम किया जाता है। क्रय केंद्रों पर अव्यवस्था के चलते छोटे किसान क्रय केंद्रों पर न जाकर बिचौलियों को ही गेहूं बेच देते हैं। किसानों की विवशता के चलते बिचौलिए औने-पौने दामों पर गेहूं खरीद कर कर क्रय केंद्रों पर खपाने काम कर रहे हैं। इस खेल में बिचौलियों द्वारा किसानों का बही-खाता ले लिया जा रहा है और उन्हें बोरियां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। कम कीमत पर गेहूं खरीद कर बिचौलिये क्रय केंद्रों पर किसानों के नाम पर बेच दे रहे हैं और किसानों के खाते में गेहूं का पैसा भेजे जाने के बाद बिचौलिए किसानों को 200 से 500 रुपये देकर सारा रुपये ले लेते हैं।
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सिकंदरपुर। विपणन केंद्र नवानगर सहित तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन स्थानों पर क्रय केंद्र खोले गए हैं, जहां शासन के मंशा के अनुसार खरीदारी तो हो रही है, लेकिन गोदाम भर जाने के कारण कई दिनों तक खरीदारी बंद हो जा रही है। जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान अपना गेहूं टालियों में भरकर क्रय केंद्र पर लेकर पहुंच तो जाता, लेकिन क्रय केंद्रों पर भी किसानों की भीड़ होने के कारण उनका नंबर दो से तीन दिन बाद आ रहा है। किसान अपना-अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर रात भर जग कर पहरेदारी कर रहे हैं। इस संबंध में केंद्र प्रभारी रमेश यादव ने बताया कि केंद्र पर खरीदारी प्रत्येक दिन की जा रही है। जगह अभाव के कारण बीच-बीच में खरीदारी बंद करना पड़ रहा है। गोदाम की तलाश जारी है जैसे ही गोदाम मिल जाएगा खरीदारी और तेजी से की जाएगी। इस बाबत जिला विपणन अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि एफसीआई गोदामों में खरीदे गए गेहूं रखने की जगह नहीं हैं, इसके चलते क्रय केंद्रों पर गेहूं डम्प हैं। गेहूं को सुरक्षित रखवाने के लिए गोदामों की तलाश की जा रही है। गेहूं डम्प होने के कारण खरीद जरुर कुछ प्रभावित हो रही है, जल्द ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा।