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सिकंदरपुर बवाल : 19 साल पहले भा दहका था
Updated Tue, 03 Oct 2017 11:11 PM IST
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सिकंदरपुर। डेढ़ दशक से अधिक समय से विभिन्न त्योहारों पर कस्बा में तनातनी चल रही है। 19 साल पहले भी यहां बड़े पैमाने पर बवाल हुआ था। जबकि इधर तीन सालोें से तो हर त्योहारों पर हंगामा होता रहा है। इसके अलावा छोटी-मोटी घटनाएं होती रहीं लेकिन पुलिस की ओर से इसे नजरअंदाज किया जाता रहा। पिछले साल भी बवाल हुआ लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। नतीजा यह रहा है सालों से सुलग रही आग आखिरकार दहशहरा के दौरान धधक ही गई।
1998 में महावीरी झंडा जुलूस के दौरान बवाल हुआ था जिसमें कई लोग गंभीर रुप से घायल हुए थे। कई दिनों तक रुक-रुक कर बवाल होता रहा लेकिन प्रशासनिक अधिकारी मामले को दबाते रहे। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि संजय जायसवाल की मानें तो कस्बा में अमन चैन कायम करने को लेकर पिछले तीन सालोें से मुहर्रम के एक दिन बाद दशहरा जुलूस का आयोजन किया गया। इसके बावजूद पिछले साल उनके उपर जानलेवा हमला हुआ। लेकिन प्रशासन व पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई और यह देख उन्होंने तहरीर तक नहीं दी। बताया पिछले साल भी कस्बा के भीखपुरा मोहल्ला में प्रतिमा विसर्जन के दौरान बवाल हुआ और तत्कालीन दरोगा व सीओ पर हमला हो गया। इसका बीच-बचाव करने के कारण उनपर भी जानलेवा हमला किया गया। लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कड़ी कार्रवाई नहीं की।
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1998 में महावीरी झंडा जुलूस के दौरान बवाल हुआ था जिसमें कई लोग गंभीर रुप से घायल हुए थे। कई दिनों तक रुक-रुक कर बवाल होता रहा लेकिन प्रशासनिक अधिकारी मामले को दबाते रहे। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि संजय जायसवाल की मानें तो कस्बा में अमन चैन कायम करने को लेकर पिछले तीन सालोें से मुहर्रम के एक दिन बाद दशहरा जुलूस का आयोजन किया गया। इसके बावजूद पिछले साल उनके उपर जानलेवा हमला हुआ। लेकिन प्रशासन व पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई और यह देख उन्होंने तहरीर तक नहीं दी। बताया पिछले साल भी कस्बा के भीखपुरा मोहल्ला में प्रतिमा विसर्जन के दौरान बवाल हुआ और तत्कालीन दरोगा व सीओ पर हमला हो गया। इसका बीच-बचाव करने के कारण उनपर भी जानलेवा हमला किया गया। लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कड़ी कार्रवाई नहीं की।
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