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एमएमयू ने 45 दिन में 1647 मरीजों का किया इलाज
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बलिया। फरवरी में शुरू की गई मेडिकल मोबाइल यूनिट (एमएमयू) सेवा ग्रामीणों को खूब भा रही है। अस्पताल की पहुंच से दूर रहने वाली आबादी को बेहतर चिकित्सकीय सेवा देने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत इसका संचालन किया जा रहा है। इस यूनिट के जरिये 45 दिनों में 1647 मरीजों का इलाज किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) के जरिये दूर-दराज के गांवों में पहुंचकर नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है। ग्रामीणों को चिकित्सककीय सलाह व जांच के साथ ही मुफ्त दवा भी मिल रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रीतम कुमार मिश्रा ने बताया कि एमएमयू को ग्रामीण क्षेत्रों में इलाज पहुंचाने के लिए लांच किया गया है। एक ग्रामीण क्षेत्र में यह यूनिट प्रत्येक 15 दिन बाद पहुंचती है। जिले के हनुमानगंज ब्लॉक एवं दुबहर ब्लॉक में 1,647 मरीजों को इस मोबाइल यूनिट से इलाज मुहैया कराया जा चुका है। इस समय मोबाइल यूनिट की तैनाती बांसडीह ब्लॉक में है। मेडिकल मोबाइल यूनिट के सुपरवाइजर सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि एमएमयू को कहां जाना है, यह मुख्य चिकित्सा अधिकारी तय करते हैं।
सार्वजनिक अवकाश पर भी यह यूनिट लोगों के इलाज के लिए उपलब्ध होती है। ऐसे ग्रामीण इलाके जो प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पहुंच से दूर हैं। उन जगहों का चयन कर मरीजों तक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का कार्य किया जाता है। मरीज का पंजीकरण करके डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, नर्स इलाज मुहैया कराती है। जांच के साथ ही संक्रामक रोगों की स्क्रीनिंग, ईसीजी एवं खून की शुरुआती जांच की सुविधा भी नि:शुल्क दी जाती है। इसमें 116 तरह की दवाएं उपलब्ध है। बताया कि इस की मॉनिटरिंग जीपीएस सिस्टम द्वारा सैटेलाइट कंट्रोल रूम लखनऊ से की जाती है। इसमें ऑनलाइन पंजीकरण होता है। लोगों को इसका लाभ अधिक से अधिक मिले इसके लिए प्रचार-प्रसार भी कराया जा रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) के जरिये दूर-दराज के गांवों में पहुंचकर नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है। ग्रामीणों को चिकित्सककीय सलाह व जांच के साथ ही मुफ्त दवा भी मिल रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रीतम कुमार मिश्रा ने बताया कि एमएमयू को ग्रामीण क्षेत्रों में इलाज पहुंचाने के लिए लांच किया गया है। एक ग्रामीण क्षेत्र में यह यूनिट प्रत्येक 15 दिन बाद पहुंचती है। जिले के हनुमानगंज ब्लॉक एवं दुबहर ब्लॉक में 1,647 मरीजों को इस मोबाइल यूनिट से इलाज मुहैया कराया जा चुका है। इस समय मोबाइल यूनिट की तैनाती बांसडीह ब्लॉक में है। मेडिकल मोबाइल यूनिट के सुपरवाइजर सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि एमएमयू को कहां जाना है, यह मुख्य चिकित्सा अधिकारी तय करते हैं।
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सार्वजनिक अवकाश पर भी यह यूनिट लोगों के इलाज के लिए उपलब्ध होती है। ऐसे ग्रामीण इलाके जो प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पहुंच से दूर हैं। उन जगहों का चयन कर मरीजों तक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का कार्य किया जाता है। मरीज का पंजीकरण करके डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, नर्स इलाज मुहैया कराती है। जांच के साथ ही संक्रामक रोगों की स्क्रीनिंग, ईसीजी एवं खून की शुरुआती जांच की सुविधा भी नि:शुल्क दी जाती है। इसमें 116 तरह की दवाएं उपलब्ध है। बताया कि इस की मॉनिटरिंग जीपीएस सिस्टम द्वारा सैटेलाइट कंट्रोल रूम लखनऊ से की जाती है। इसमें ऑनलाइन पंजीकरण होता है। लोगों को इसका लाभ अधिक से अधिक मिले इसके लिए प्रचार-प्रसार भी कराया जा रहा है।
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