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शौचालय निर्माण में लापरवाही पर सचिवों पर लटकी तलवार
Updated Thu, 17 May 2018 11:44 PM IST
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बलिया। शौचालयों के निर्माण के लिए धनराशि आहरण करने के बावजूद कार्य में लापरवाही को लेकर की सचिवों पर कार्रवाई हो सकती है। पंचायती राज विभाग ने ऐसे 34 सचिवों को चिह्नित किया है। विभाग इनको नोटिस जारी करने की तैयारी में है।
केंद्र व प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में स्वच्छता अभियान होने के बावजूद शौचालयों के निर्माण में ब्लाक व ग्राम स्तरीय अधिकारियों की मनमानी है। जिले में तीन लाख 20 हजार 668 परिवार शौचालय विहीन हैं। जबकि अभियान के तहत कुल 1843 राजस्व गांवों में शौचालय बनाया जाना है। लेकिन इसके बावजूद ब्लॉक व ग्राम स्तरीय अधिकारी उदासीनता बरत रहे हैं। बताया जाता है कि पूर्व के सालों में कई गांवों में शौचालय की धनराशि आहरण करने के बाद भी कार्य नहीं कराने के मामले सामने आ चुके हैं। कई मामलों में संबंधित प्रधान व सचिवों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ। जिला पंचायत राज अधिकारी की मानें तो प्रत्येक ब्लाक के दो ऐसे सचिवों को चिह्नित किया गया है जो धनराशि आहरण करने के बाद भी शौचालयों का निर्माण नहीं करा सके हैं। बताया जाता है कि नोटिस में समय सीमा तय की जाएगी और तय समय में शौचालयों का निर्माण नहीं होने पर ऐसे सचिवों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति भेजी जाएगी।
डीपीआरओ अभय कुमार यादव ने बताया कि स्वच्छता अभियान शासन की प्राथमिकताओं में हैं। कइ सचिव धनराशि आहरण करने के बाद भी शौचालय का निर्माण नहीं करा रहे हैं, ऐसे करीब 34 सचिवों को चिह्नित किया गया है। जल्द ही इन सचिवों को नोटिस जारी कर शौचालय निर्माण के लिए समय सीमा तय की जाएगी। इसके बाद भी लापरवाही मिली तो इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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केंद्र व प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में स्वच्छता अभियान होने के बावजूद शौचालयों के निर्माण में ब्लाक व ग्राम स्तरीय अधिकारियों की मनमानी है। जिले में तीन लाख 20 हजार 668 परिवार शौचालय विहीन हैं। जबकि अभियान के तहत कुल 1843 राजस्व गांवों में शौचालय बनाया जाना है। लेकिन इसके बावजूद ब्लॉक व ग्राम स्तरीय अधिकारी उदासीनता बरत रहे हैं। बताया जाता है कि पूर्व के सालों में कई गांवों में शौचालय की धनराशि आहरण करने के बाद भी कार्य नहीं कराने के मामले सामने आ चुके हैं। कई मामलों में संबंधित प्रधान व सचिवों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ। जिला पंचायत राज अधिकारी की मानें तो प्रत्येक ब्लाक के दो ऐसे सचिवों को चिह्नित किया गया है जो धनराशि आहरण करने के बाद भी शौचालयों का निर्माण नहीं करा सके हैं। बताया जाता है कि नोटिस में समय सीमा तय की जाएगी और तय समय में शौचालयों का निर्माण नहीं होने पर ऐसे सचिवों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति भेजी जाएगी।
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डीपीआरओ अभय कुमार यादव ने बताया कि स्वच्छता अभियान शासन की प्राथमिकताओं में हैं। कइ सचिव धनराशि आहरण करने के बाद भी शौचालय का निर्माण नहीं करा रहे हैं, ऐसे करीब 34 सचिवों को चिह्नित किया गया है। जल्द ही इन सचिवों को नोटिस जारी कर शौचालय निर्माण के लिए समय सीमा तय की जाएगी। इसके बाद भी लापरवाही मिली तो इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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