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आठ साल भी जिले में स्थाई डीपीआरओ नहीं
Updated Thu, 22 Feb 2018 10:36 PM IST
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बलिया। जिले में आठ साल बाद भी स्थाई डीपीआरओ की तैनाती नहीं हो सकी है और प्रभारी डीपीआरओ से ही काम चलाया जा रहा है। इसके चलते स्वच्छता अभियान व कार्य प्रभावित होते हैं।
पंचायती राज विभाग में अधिकारियों का टोटा है या फिर मनमानी तैनाती का मामला चाहे जो भी हो लेकिन जनपद को आठ साल बाद भी स्थाई डीपीआरओ नहीं मिल सका है। दो माह पहले एक स्थाई डीपीआरओ की तैनाती भी शासन ने किया तो वह करीब 20 दिनों पहले लंबी छुट्टी पर चले गए और एक बार फिर प्रभारी डीपीआरओ के हवाले विभाग हो गया।
बताया जाता है कि 16 जुलाई 2010को तत्कालीन डीपीआरओ के स्थानांतरण के बाद से ही विभाग जुगाड़ के अधिकारियों के सहारे ही चल रहा है। इसके बाद जंग बहादुर सिंह, जेपी शाही, घनश्याम सागर, बालेशधर द्विवेदी, दयाशंकर पाठक, राकेश कुमार यादव, अविनाश कुमार बतौर प्रभारी डीपीआरओ तैनात रहे। बीते अक्तूबर महीने में प्रभारी डीपीआरओ अविनाश कुमार लंबी छुटी पर गए तो जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर निखिल टीकाराम फुंडे को प्रभार दे दिया हालांकि एक माह बाद शासन ने स्थाई डीपीआरओ अभय कुमार यादव को तैनात कर दिया लेकिन वह भी दो माह बाद ही लंबी छुट्टी पर चले गए और एक बार फिर अविनाश कुमार ने प्रभार ले लिया। हालांकि वित्तीय प्रभार की जिम्मेदारी डीएम ने एसडीएम सदर को फिर सौंपी है। बताया जाता है कि इसी विभाग के माध्यम से स्वच्छता अभियान, नमामि गंगे योजना के अलावा अन्य कई योजनाओं का संचालन किया जाता है लेकिन स्थाई अधिकारी के नहीं होने के कारण यह कार्य भी प्रभावित होते हैं।
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पंचायती राज विभाग में अधिकारियों का टोटा है या फिर मनमानी तैनाती का मामला चाहे जो भी हो लेकिन जनपद को आठ साल बाद भी स्थाई डीपीआरओ नहीं मिल सका है। दो माह पहले एक स्थाई डीपीआरओ की तैनाती भी शासन ने किया तो वह करीब 20 दिनों पहले लंबी छुट्टी पर चले गए और एक बार फिर प्रभारी डीपीआरओ के हवाले विभाग हो गया।
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बताया जाता है कि 16 जुलाई 2010को तत्कालीन डीपीआरओ के स्थानांतरण के बाद से ही विभाग जुगाड़ के अधिकारियों के सहारे ही चल रहा है। इसके बाद जंग बहादुर सिंह, जेपी शाही, घनश्याम सागर, बालेशधर द्विवेदी, दयाशंकर पाठक, राकेश कुमार यादव, अविनाश कुमार बतौर प्रभारी डीपीआरओ तैनात रहे। बीते अक्तूबर महीने में प्रभारी डीपीआरओ अविनाश कुमार लंबी छुटी पर गए तो जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर निखिल टीकाराम फुंडे को प्रभार दे दिया हालांकि एक माह बाद शासन ने स्थाई डीपीआरओ अभय कुमार यादव को तैनात कर दिया लेकिन वह भी दो माह बाद ही लंबी छुट्टी पर चले गए और एक बार फिर अविनाश कुमार ने प्रभार ले लिया। हालांकि वित्तीय प्रभार की जिम्मेदारी डीएम ने एसडीएम सदर को फिर सौंपी है। बताया जाता है कि इसी विभाग के माध्यम से स्वच्छता अभियान, नमामि गंगे योजना के अलावा अन्य कई योजनाओं का संचालन किया जाता है लेकिन स्थाई अधिकारी के नहीं होने के कारण यह कार्य भी प्रभावित होते हैं।
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