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ठंड लगने से ग्रामीण की मौत
अमर उजाला/बहराइच
Updated Sat, 21 Jan 2017 11:46 PM IST
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ठंड में स्कूल जातीं छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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मिहींपुरवा विकास खंड के अंतर्गत नईबस्ती निवासी एक ग्रामीण की शुक्रवार की रात खेत की सिंचाई करते समय पेट दर्द और ठंड लगने से हालत बिगड़ गई। इससे घबराए परिवारीजनों ने घरेलू इलाज किया, लेकिन उसे कोई लाभ नहीं हुआ। गंभीर हालत में जब ग्रामीण को अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी उसने दम तोड़ दिया। उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। परिवारीजनों के मुताबिक ठंड लगने से ग्रामीण की मौत हुई है। अधेड़ की मौत होने से परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मिहींपुरवा विकास खंड के अंतर्गत नईबस्ती निवासी मुजम्मिल (58) देर शाम खेत में फसल की सिंचाई करने गया था। वहीं पर उसे तेज पेट दर्द और कंपकंपी होने लगी। इसके बाद वह घर पहुंचा और अलाव जलाकर तापने लगा, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती गई।
रात में उसे दो बार उल्टियां भी हुईं। तबियत और बिगड़ने पर परिवारीजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाने की तैयारी की। लेकिन जब अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी मुजम्मिल ने दम तोड़ दिया।
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मुजम्मिल के पुत्र नादिर का कहना है कि परिवार मेहनत मजदूरी करता है। ठंड लगने से ही पिता की मौत हुई है। परिवारीजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है। मुजम्मिल की मौत होने से घरवालों में कोहराम मच गया। वहीं, अपर जिलाधिकारी विद्याशंकर ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी।
उधर, तराई में कड़ाके की ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है। मौसम का मिजाज निरंतर बिगड़ रहा है। शनिवार को सुबह धूप निकली, लेकिन फिर सूरज के दर्शन नहीं हुए। पूरे दिन ठिठुरन और गलन से निजात नहीं मिली। रात में पारा लुढ़क कर 6.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। रात में पछुआ हवाएं भी तेज गति से चलीं, जिससे लोग कांपते रहे। मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को सबसे अधिक मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
तराई में मौसम का मिजाज लोगों को बेहाल किए हुए है। शुक्रवार की रात पारा 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं शनिवार सुबह फिर लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। सुबह सात बजे तक कोहरा और धुंध छाया रहा। धूप निकली, लेकिन एक घंटे बाद सूरज गायब हो गया। तेज पछुवा हवाएं चलीं।
ठिठुरन और गलन से निजात नहीं मिली। लोग घरों से निकले तो जरूर, लेकिन सभी गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि चल रही बर्फीली पछुआ हवाओं से मौसम बिगड़ा है। न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम 16 डिग्री सेल्सियस रहा। रात में नौ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बर्फीली पछुवा हवाएं चल रही हैं। जिससे मौसम में सुधार नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में अभी मौसम में उतार-चढ़ाव के संकेत मिल रहे हैं।
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मिहींपुरवा विकास खंड के अंतर्गत नईबस्ती निवासी मुजम्मिल (58) देर शाम खेत में फसल की सिंचाई करने गया था। वहीं पर उसे तेज पेट दर्द और कंपकंपी होने लगी। इसके बाद वह घर पहुंचा और अलाव जलाकर तापने लगा, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती गई।
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रात में उसे दो बार उल्टियां भी हुईं। तबियत और बिगड़ने पर परिवारीजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाने की तैयारी की। लेकिन जब अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी मुजम्मिल ने दम तोड़ दिया।
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मुजम्मिल के पुत्र नादिर का कहना है कि परिवार मेहनत मजदूरी करता है। ठंड लगने से ही पिता की मौत हुई है। परिवारीजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है। मुजम्मिल की मौत होने से घरवालों में कोहराम मच गया। वहीं, अपर जिलाधिकारी विद्याशंकर ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी।
उधर, तराई में कड़ाके की ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है। मौसम का मिजाज निरंतर बिगड़ रहा है। शनिवार को सुबह धूप निकली, लेकिन फिर सूरज के दर्शन नहीं हुए। पूरे दिन ठिठुरन और गलन से निजात नहीं मिली। रात में पारा लुढ़क कर 6.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। रात में पछुआ हवाएं भी तेज गति से चलीं, जिससे लोग कांपते रहे। मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को सबसे अधिक मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
तराई में मौसम का मिजाज लोगों को बेहाल किए हुए है। शुक्रवार की रात पारा 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं शनिवार सुबह फिर लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। सुबह सात बजे तक कोहरा और धुंध छाया रहा। धूप निकली, लेकिन एक घंटे बाद सूरज गायब हो गया। तेज पछुवा हवाएं चलीं।
ठिठुरन और गलन से निजात नहीं मिली। लोग घरों से निकले तो जरूर, लेकिन सभी गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि चल रही बर्फीली पछुआ हवाओं से मौसम बिगड़ा है। न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम 16 डिग्री सेल्सियस रहा। रात में नौ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बर्फीली पछुवा हवाएं चल रही हैं। जिससे मौसम में सुधार नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में अभी मौसम में उतार-चढ़ाव के संकेत मिल रहे हैं।