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Bahraich News: गन्ना उत्पादक बहराइच की मिलों में घटा चीनी का उत्पादन
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बहराइच। जिले में स्थापित मिलों में चीनी का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले घट गया है। गत एक महीने में चीनी का खुदरा भाव 16 प्रतिशत बढ़कर 55.70 रुपये किलो पहुंच जाने के बाद उत्पादन घटने के पीछे का कारण जानने की कवायद शुरू हो गई है। जिम्मेदार लोग गन्ने का वेस्टेज बढ़ने को चीनी उत्पादन घटने का कारण बता रहे हैं। हालांकि, गन्ने से एथनॉल बनाने का विकल्प भी इसका कारण हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं की जा रही है।
बहराइच में चार चीनी मिलें स्थापित हैं। इनमें सिंभावली शुगर मिल बंद है, जबकि पारले चीनी मिल परसेंडी, आईपीएल चीनी मिल जरवलरोड और श्रावस्ती किसान सहकारी चीनी मिल नानपारा में पेराई हुई। जिले में एथनॉल उत्पादन की व्यवस्था पारले चीनी मिल परसेंडी में है। मिल की डिस्टिलरी की क्षमता 60+120 केएलपीडी ड्यूल-फीड बताई गई है। (संवाद)
परसेंडी में 70.50 लाख क्विंटल गन्ना पेरा, चीनी उत्पादन घटा
परसेंडी चीनी मिल के महाप्रबंधक अनिल सखूजा ने बताया 2025-26 पेराई सत्र में 70.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई और 3,70,120 क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ। इसके मुकाबले 2024-25 में मिल ने 42 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर 4,26,160 क्विंटल चीनी का उत्पादन किया था। यानी इस बार गन्ने की पेराई करीब 28.50 लाख क्विंटल बढ़ी, लेकिन चीनी उत्पादन 56,040 क्विंटल घट गया। महाप्रबंधक का कहना है कि रिजेक्टेड वेरायटी का गन्ना किसानों ने बोया इसलिए दिक्कत हुई।
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रस और शीरे से बनता है एथनॉल
चीनी मिल में सबसे पहले गन्ने से रस निकाला जाता है। इस रस से चीनी बनाई जाती है। उत्पादन प्रक्रिया में निकलने वाला शीरा भी एथनॉल बनाने के काम आता है। कुछ परिस्थितियों में गन्ने के रस या सिरप को भी एथनॉल उत्पादन की ओर मोड़ा जा सकता है। इसलिए एक ही गन्ने से चीनी और एथनॉल दोनों का उत्पादन संभव है। यही बदला हुआ गणित चीनी बाजार के लिए महत्वपूर्ण है।
नानपारा में भी चीनी का उत्पादन घटा
श्रावस्ती किसान सहकारी चीनी मिल नानपारा में 2024-25 में 30.51 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई से 3,15,360 क्विंटल चीनी बनी थी। रिकवरी 10.15 प्रतिशत रही थी। 2025-26 में पेराई घटकर 26.06 लाख क्विंटल रह गई और चीनी उत्पादन 2,58,240 क्विंटल हुआ। रिकवरी भी घटकर 9.82 प्रतिशत रह गई। इसमें 2,55,980 क्विंटल व्हाइट शुगर और 2,260 क्विंटल ब्राउन शुगर शामिल है। मिल की आसवनी इकाई वर्ष 2021 से बंद चल रही है।
जरवलरोड में 29.30 लाख कुंतल गन्ने की पेराई
आईपीएल चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक संजीव चौधरी ने बताया कि 2025-26 सत्र में 29.30 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। इससे करीब 2.99 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ और रिकवरी 10.23 प्रतिशत रही। मिल में वर्तमान में करीब 90 हजार क्विंटल चीनी का स्टॉक है। यहां एथनॉल का प्लांट नहीं है।
चीनी उत्पादन में कमी के आंकड़े ने बढ़ाई चिंता
तीनों चालू मिलों को मिलाकर 2025-26 में करीब 1.25 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। इससे करीब 9.28 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ। पिछले सत्र में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार नानपारा, परसेंडी और जरवलरोड में पेराई और चीनी उत्पादन इससे अलग रहा था। खासतौर पर परसेंडी में गन्ने की पेराई बढ़ने के बावजूद चीनी उत्पादन घटना रिकवरी और गन्ने की गुणवत्ता के असर को सामने लाता है। चीनी की मौजूदा कीमतों के पीछे कम उत्पादन, मौसम से फसल पर असर, त्योहारी मांग और बाजार में स्टॉक जैसी वजहें भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में बहराइच में एथनॉल ने गन्ने के इस्तेमाल का गणित जरूर बदला है, लेकिन चीनी महंगी होने के पीछे अकेले एथनॉल को जिम्मेदार ठहराना तस्वीर को अधूरा कर देगा।
दो साल में यह रहा बहराइच की मिलों का चीनी गणित
चीनी मिल
2024-25 गन्ना पेराई
2024-25 चीनी
2025-26 गन्ना पेराई
2025-26 चीनी
नानपारा सहकारी
30.51 लाख क्विंटल
3,15,360 क्विंटल
26.06 लाख क्विंटल
2,58,240 क्विंटल
पारले परसेंडी 42.00 लाख क्विंटल
4,26,160 क्विंटल
70.50 लाख क्विंटल
3,70,120 क्विंटल
आईपीएल जरवलरोड 30.14 लाख क्विंटल
3.12 लाख क्विंटल
29.30 लाख क्विंटल
2.99 लाख क्विंटल
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बहराइच में चार चीनी मिलें स्थापित हैं। इनमें सिंभावली शुगर मिल बंद है, जबकि पारले चीनी मिल परसेंडी, आईपीएल चीनी मिल जरवलरोड और श्रावस्ती किसान सहकारी चीनी मिल नानपारा में पेराई हुई। जिले में एथनॉल उत्पादन की व्यवस्था पारले चीनी मिल परसेंडी में है। मिल की डिस्टिलरी की क्षमता 60+120 केएलपीडी ड्यूल-फीड बताई गई है। (संवाद)
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परसेंडी में 70.50 लाख क्विंटल गन्ना पेरा, चीनी उत्पादन घटा
परसेंडी चीनी मिल के महाप्रबंधक अनिल सखूजा ने बताया 2025-26 पेराई सत्र में 70.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई और 3,70,120 क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ। इसके मुकाबले 2024-25 में मिल ने 42 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर 4,26,160 क्विंटल चीनी का उत्पादन किया था। यानी इस बार गन्ने की पेराई करीब 28.50 लाख क्विंटल बढ़ी, लेकिन चीनी उत्पादन 56,040 क्विंटल घट गया। महाप्रबंधक का कहना है कि रिजेक्टेड वेरायटी का गन्ना किसानों ने बोया इसलिए दिक्कत हुई।
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रस और शीरे से बनता है एथनॉल
चीनी मिल में सबसे पहले गन्ने से रस निकाला जाता है। इस रस से चीनी बनाई जाती है। उत्पादन प्रक्रिया में निकलने वाला शीरा भी एथनॉल बनाने के काम आता है। कुछ परिस्थितियों में गन्ने के रस या सिरप को भी एथनॉल उत्पादन की ओर मोड़ा जा सकता है। इसलिए एक ही गन्ने से चीनी और एथनॉल दोनों का उत्पादन संभव है। यही बदला हुआ गणित चीनी बाजार के लिए महत्वपूर्ण है।
नानपारा में भी चीनी का उत्पादन घटा
श्रावस्ती किसान सहकारी चीनी मिल नानपारा में 2024-25 में 30.51 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई से 3,15,360 क्विंटल चीनी बनी थी। रिकवरी 10.15 प्रतिशत रही थी। 2025-26 में पेराई घटकर 26.06 लाख क्विंटल रह गई और चीनी उत्पादन 2,58,240 क्विंटल हुआ। रिकवरी भी घटकर 9.82 प्रतिशत रह गई। इसमें 2,55,980 क्विंटल व्हाइट शुगर और 2,260 क्विंटल ब्राउन शुगर शामिल है। मिल की आसवनी इकाई वर्ष 2021 से बंद चल रही है।
जरवलरोड में 29.30 लाख कुंतल गन्ने की पेराई
आईपीएल चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक संजीव चौधरी ने बताया कि 2025-26 सत्र में 29.30 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। इससे करीब 2.99 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ और रिकवरी 10.23 प्रतिशत रही। मिल में वर्तमान में करीब 90 हजार क्विंटल चीनी का स्टॉक है। यहां एथनॉल का प्लांट नहीं है।
चीनी उत्पादन में कमी के आंकड़े ने बढ़ाई चिंता
तीनों चालू मिलों को मिलाकर 2025-26 में करीब 1.25 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। इससे करीब 9.28 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ। पिछले सत्र में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार नानपारा, परसेंडी और जरवलरोड में पेराई और चीनी उत्पादन इससे अलग रहा था। खासतौर पर परसेंडी में गन्ने की पेराई बढ़ने के बावजूद चीनी उत्पादन घटना रिकवरी और गन्ने की गुणवत्ता के असर को सामने लाता है। चीनी की मौजूदा कीमतों के पीछे कम उत्पादन, मौसम से फसल पर असर, त्योहारी मांग और बाजार में स्टॉक जैसी वजहें भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में बहराइच में एथनॉल ने गन्ने के इस्तेमाल का गणित जरूर बदला है, लेकिन चीनी महंगी होने के पीछे अकेले एथनॉल को जिम्मेदार ठहराना तस्वीर को अधूरा कर देगा।
दो साल में यह रहा बहराइच की मिलों का चीनी गणित
चीनी मिल
2024-25 गन्ना पेराई
2024-25 चीनी
2025-26 गन्ना पेराई
2025-26 चीनी
नानपारा सहकारी
30.51 लाख क्विंटल
3,15,360 क्विंटल
26.06 लाख क्विंटल
2,58,240 क्विंटल
पारले परसेंडी 42.00 लाख क्विंटल
4,26,160 क्विंटल
70.50 लाख क्विंटल
3,70,120 क्विंटल
आईपीएल जरवलरोड 30.14 लाख क्विंटल
3.12 लाख क्विंटल
29.30 लाख क्विंटल
2.99 लाख क्विंटल