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पीआईसीयू में एक बेड पर दो मासूमों का हो रहा इलाज

Sun, 26 Sep 2021 11:11 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Sep 2021 11:11 PM IST
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Two innocent people are being treated on one bed in PICU
बहराइच। बुबकापुर गांव निवासी एक किसान की शनिवार रात को हालत बिगड़ गई। परिवार के लोग मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में लेकर आए। यहां पर ईएमओ ने फिजीशियन को दिखाने की बात कही। रात 11 बजे से सुबह आठ बजे तक फिजीशियन इमरजेंसी में नहीं पहुंच सके। इस पर सभी किसान को लेकर लखनऊ जा रहे थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। नाराज परिवार के लोगों ने इमरजेंसी के सामने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सभी ने कहा कि पूरी रात सीएमएस के सीयूजी नंबर पर फोन किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। परिवार के लोगों ने लापरवाही में जान जाने का आरोप लगाया है।
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फखरपुर विकास खंड अंतर्गत बुबकापुर गांव निवासी राम संवारे सिंह (65) पुत्र महिपाल सिंह किसान थे। शनिवार को वह मरौचा में काम निपटाने के बाद घर चले गए। भतीजे राजन सिंह ने बताया कि रात 10 बजे के आसपास रामसंवारे की तबियत खराब हुई। इस पर उन्हें मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महर्षि बालार्क जिला अस्पताल लाया गया। यहां पर इमरजेंसी में तैनात डॉ. आरपी सिंह ने प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद फिजीशियन से दिखाने की बात कही। इस पर परिवार के लोग फिजीशियन की तलाश करने लगे। सीएमएस के सीयूजी नंबर पर फोन करके समस्या बताने की कोशिश की। लेकिन सीयूजी नंबर रिसीव नहीं हुआ। किसी तरह परिवार के लोगों ने रात बिताई। सुबह आठ बजे के आसपास सभी ने पुन: सीएमएस को फोन किया तो उन्होंने फिजीशियन को भेजने में असमर्थता जताई।
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इस पर परिवार के लोग भड़क गए। सभी ने इमरजेंसी के सामने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से लचर बना हुआ है। जब से मेडिकल बना है, तब से स्थिति और खराब हुई है। प्रदर्शन के बाद सभी रामसंवारे को लखनऊ लेकर रवाना हुए। सुबह 10 बजे के आसपास बाराबंकी के रामनगर में रामसंवारे की मौत हो गई। इसको लेकर परिवार के लोगों में काफी नाराजगी है।
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रात नौ बजे के बाद इलाज में होती है असुविधा
महर्षि बालार्क जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को रात नौ बजे के बाद काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जहां चिकित्सक नहीं आते हैं। वहीं ड्यूटी पर तैनात स्टाफ द्वारा इंजेक्शन लगाने के लिए भी मना किया जाता है।
सीएमएस के पास नहीं रहता सीयूजी फोन
महर्षि बालार्क जिला चिकित्सालय में तैनात सीएमएस डॉ. डीके सिंह की सेवानिवृत्ति के बाद प्राचार्य डॉ. अनिल के साहनी ने डॉ. ओपी पांडेय को सीएमएस बना दिया है। लेकिन लगभग दो माह बीत रहे हैं। डॉ. ओपी पांडेय अपने पास सीयूजी फोन नहीं रखते हैं। सीयूजी फोन डॉ. एमएम त्रिपाठी के पास ही रहता है। जिससे मरीजों व तीमारदारों को दिक्कत होती है।

ईएमओ और सीएमएस से तलब कर रहे रिपोर्ट
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में आठ घंटे में भी फिजीशियन का न पहुंचना गलत है। इसकी रिपोर्ट इमरजेंसी मेडिकल आफिसर और सीएमएस से ले रहे हैं। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि सीयूजी नंबर लोगों की समस्या के लिए ही अधिकारियों को दिया जाता है।
-डॉ. अनिल के साहनी प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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