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निमोनिया से दो बच्चों की मौत
अमर उजाला
Updated Fri, 18 Nov 2016 10:32 PM IST
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तराई में ठंड की दस्तक के साथ ही निमोनिया का कहर शुरू हो गया है। जिला अस्पताल में भर्ती दो मासूमों की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। 19 और रोगी भर्ती कराए गए हैं। इनमें चार रोगियों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
तराई का मौसम अचानक बदल गया है। दो दिन से धूप भी मामूली निकल रही है। शाम ढले ही कोहरा और धुंध की स्थिति बन रही है। ऐसे में बुखार के साथ निमोनिया कहर बरपाने लगा है। हुजूरपुर के सहसलमपुर गांव निवासी सोनू के चार वर्षीय पुत्र विपिन को गुरुवार को बुखार की शिकायत हुई।
परिवारीजनों ने स्थानीय चिकित्सकों से इलाज शुरू किया, लेकिन लाभ नहीं हुआ। उसके पसली चलने लगी। इस पर परिवारीजनों ने विपिन को चिल्ड्रेन वार्ड के आईसीयू में भर्ती कराया। यहां पर इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह विपिन की मौत हो गई। उधर केवटनपुरवा गांव निवासी विकास (01) पुत्र विद्याराम को भी निमोनिया और बुखार की शिकायत थी।
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इलाज के दौरान जिला अस्पताल के आईसीयू में दोपहर बाद विकास ने भी दम तोड़ दिया। निमोनिया, बुखार और डायरिया से पीड़ित 19 और रोगी जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इनमें राबिया (4, बबलू (3), मयंक (9) और चांद (1.5) की हालत नाजुक है।
जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा का कहना है कि दो दिन से मौसम में तेजी से बदलाव हुआ है। ठंड बढ़ी है। इसके चलते निमोनिया का प्रकोप शुरू हुआ है। सजगता बरतकर ही बच्चों को निमोनिया से बचाया जा सकता है।
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तराई का मौसम अचानक बदल गया है। दो दिन से धूप भी मामूली निकल रही है। शाम ढले ही कोहरा और धुंध की स्थिति बन रही है। ऐसे में बुखार के साथ निमोनिया कहर बरपाने लगा है। हुजूरपुर के सहसलमपुर गांव निवासी सोनू के चार वर्षीय पुत्र विपिन को गुरुवार को बुखार की शिकायत हुई।
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परिवारीजनों ने स्थानीय चिकित्सकों से इलाज शुरू किया, लेकिन लाभ नहीं हुआ। उसके पसली चलने लगी। इस पर परिवारीजनों ने विपिन को चिल्ड्रेन वार्ड के आईसीयू में भर्ती कराया। यहां पर इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह विपिन की मौत हो गई। उधर केवटनपुरवा गांव निवासी विकास (01) पुत्र विद्याराम को भी निमोनिया और बुखार की शिकायत थी।
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इलाज के दौरान जिला अस्पताल के आईसीयू में दोपहर बाद विकास ने भी दम तोड़ दिया। निमोनिया, बुखार और डायरिया से पीड़ित 19 और रोगी जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इनमें राबिया (4, बबलू (3), मयंक (9) और चांद (1.5) की हालत नाजुक है।
जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा का कहना है कि दो दिन से मौसम में तेजी से बदलाव हुआ है। ठंड बढ़ी है। इसके चलते निमोनिया का प्रकोप शुरू हुआ है। सजगता बरतकर ही बच्चों को निमोनिया से बचाया जा सकता है।