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नियमों को ताक पर रख दौड़ रहीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां
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बहराइच में रविवार को सीएम के आदेश के बावजूद ट्राली में भर कर यात्रा करते लोग।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। बीते एक सप्ताह में प्रदेश में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से हुई दुर्घटनाओं में 37 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बावजूद इसके जिले में बेधड़क लापरवाही बरती जा रही है। जिले में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मन की मुराद मांगने व पूरा होने पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर मंदिर व अन्य धार्मिक स्थल पहुंच रहे हैं। इस दौरान कई मासूम बच्चों को ट्रॉलियों पर लटके व कई को ट्रॉलियों के डालों पर बैठे देखा जा सकता है। वहीं जिला प्रशासन के हुक्मरान इस लापरवाही से अंजान बने हुए हैं। जो कभी भी जिले को कानपुर जैसी बड़ी दुर्घटना का गवाह बना सकता है।
नवरात्रि पर्व शुरू होते ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु जिले के देवी मंदिरों में मनौती मांगने के लिए माता के दरबार पहुंच रहे हैं। वहीं मनौती पूरी होने के बाद माता के दर्शन करने व नवरात्रि के शुभ मुहूर्त में बच्चों का मुंडन संस्कार संपन्न करवाने के लिए लिए भी हजारों की संख्या में लोग मंदिर पहुंच रहे हैं। लेकिन इस दौरान आस्था पर लापरवाही भारी दिख रही है और यात्रा के दौरान जमकर लापरवाही बरती जा रही है। प्रतिदिन हजारों लोग शहर स्थित मरी माता मंदिर, चित्तौरा ब्लॉक स्थित बेरिया मंदिर पर नियमों को ताक पर रख यात्रा कर रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में मानक से अधिक यात्री बैठे देखे जा रहे हैं। किसी ट्रॉली में 50 तो किसी में 60 यात्री बैठे देखे जा रहे हैं। सबसे ज्यादा लापरवाही बच्चों को लेकर देखने केे मिली रही है। सड़कों पर फर्राटा भरने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में छोटे-छोटे बच्चों को ट्राली के डाले पर बैठे देखा जा रहा है। ऐसे में अगर ट्रैक्टर-ट्रॉली का टायर फटता है या ट्रैक्टर अनियंत्रित होता है, तो जिले में किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टरों का हो रहा इस्तेमाल
जिले में कुल 27548 ट्रैक्टर पंजीकृत हैं। जिसमें से मात्र 31 ट्रैक्टर ही कॉमर्शिल कार्यों के लिए पंजीकृत हैं। शेष बचे सभी 27,517 ट्रैक्टर कृषि कार्य के लिए पंजीकृत हैं। वहीं अगर ट्रॉलियों की बात की जाए तो मात्र 19 ट्रॉलियां की कॉमर्शियल कार्यों के लिए पंजीकृत हैं।
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बीते छह दिनों में 37 ने गंवाई जान
प्रदेश में बीते छह दिनों में 37 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। वहीं लगभग 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। शनिवार की रात कानपुर देहात के घाटमपुर में हुए दर्दनाक हादसे में 26 लोगों की मौत हो गयी। वहीं एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। वहीं सीतापुर के रेउसा में हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गयी थी, जबकि चार गंभीर रूप से घायल हैं। इससे पूर्व छह दिन पहले लखनऊ के इंटौजा में हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में 10 लोगों की मौत हो गयी थी और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे।
मुख्यमंत्री की अपील भी अधिकारियों पर बेअसर
प्रदेश में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से हुए हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी लोगों से यात्रा के लिए ट्रॉलियों का प्रयोग न करने की अपील कर चुके हैं। बावजूद इसके न तो लोग सुधर रहे हैं और न ही जिला प्रशासन मुख्यमंत्री की बात को संजीदा लेकर लोगों से नियमों का पालन करवा रहा है। कानपुर हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने ट्वीटर कर अपील की थी कि सभी लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का प्रयोग कृषि कार्यों व माल ढुलाई के लिए करें। इससे सवारियों की ढुलाई कदापि न करें।
नियमों के विपरीत कृषि कार्यों के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रॉली का कॉमर्शियल कार्यों में करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभियान चलाकर ऐसे लोगों को चिह्नित कर सीजर की कार्यवाही की जाएगी। -ओपी सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन
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नवरात्रि पर्व शुरू होते ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु जिले के देवी मंदिरों में मनौती मांगने के लिए माता के दरबार पहुंच रहे हैं। वहीं मनौती पूरी होने के बाद माता के दर्शन करने व नवरात्रि के शुभ मुहूर्त में बच्चों का मुंडन संस्कार संपन्न करवाने के लिए लिए भी हजारों की संख्या में लोग मंदिर पहुंच रहे हैं। लेकिन इस दौरान आस्था पर लापरवाही भारी दिख रही है और यात्रा के दौरान जमकर लापरवाही बरती जा रही है। प्रतिदिन हजारों लोग शहर स्थित मरी माता मंदिर, चित्तौरा ब्लॉक स्थित बेरिया मंदिर पर नियमों को ताक पर रख यात्रा कर रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में मानक से अधिक यात्री बैठे देखे जा रहे हैं। किसी ट्रॉली में 50 तो किसी में 60 यात्री बैठे देखे जा रहे हैं। सबसे ज्यादा लापरवाही बच्चों को लेकर देखने केे मिली रही है। सड़कों पर फर्राटा भरने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में छोटे-छोटे बच्चों को ट्राली के डाले पर बैठे देखा जा रहा है। ऐसे में अगर ट्रैक्टर-ट्रॉली का टायर फटता है या ट्रैक्टर अनियंत्रित होता है, तो जिले में किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
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कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टरों का हो रहा इस्तेमाल
जिले में कुल 27548 ट्रैक्टर पंजीकृत हैं। जिसमें से मात्र 31 ट्रैक्टर ही कॉमर्शिल कार्यों के लिए पंजीकृत हैं। शेष बचे सभी 27,517 ट्रैक्टर कृषि कार्य के लिए पंजीकृत हैं। वहीं अगर ट्रॉलियों की बात की जाए तो मात्र 19 ट्रॉलियां की कॉमर्शियल कार्यों के लिए पंजीकृत हैं।
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बीते छह दिनों में 37 ने गंवाई जान
प्रदेश में बीते छह दिनों में 37 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। वहीं लगभग 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। शनिवार की रात कानपुर देहात के घाटमपुर में हुए दर्दनाक हादसे में 26 लोगों की मौत हो गयी। वहीं एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। वहीं सीतापुर के रेउसा में हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गयी थी, जबकि चार गंभीर रूप से घायल हैं। इससे पूर्व छह दिन पहले लखनऊ के इंटौजा में हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में 10 लोगों की मौत हो गयी थी और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे।
मुख्यमंत्री की अपील भी अधिकारियों पर बेअसर
प्रदेश में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से हुए हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी लोगों से यात्रा के लिए ट्रॉलियों का प्रयोग न करने की अपील कर चुके हैं। बावजूद इसके न तो लोग सुधर रहे हैं और न ही जिला प्रशासन मुख्यमंत्री की बात को संजीदा लेकर लोगों से नियमों का पालन करवा रहा है। कानपुर हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने ट्वीटर कर अपील की थी कि सभी लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का प्रयोग कृषि कार्यों व माल ढुलाई के लिए करें। इससे सवारियों की ढुलाई कदापि न करें।
नियमों के विपरीत कृषि कार्यों के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रॉली का कॉमर्शियल कार्यों में करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभियान चलाकर ऐसे लोगों को चिह्नित कर सीजर की कार्यवाही की जाएगी। -ओपी सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन