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Bahraich News: घर में घुसा मगरमच्छ, टीम ने पकड़ा
Wed, 16 Sep 2026 01:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Wed, 16 Sep 2026 01:56 AM IST
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सरयू नदी में वन विभाग द्वारा छोड़ा जा रहा मगरमच्छ।
मिहींपुरवा। बाढ़ और बारिश के मौसम में वन्यजीवों की आबादी में पहुंचने की घटनाओं के बीच मंगलवार को कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की टीम ने दो अलग-अलग स्थानों से मगरमच्छों काे सुरक्षित पकड़ा। दोनों को सुरक्षित उनके प्राकृतिक वास में छोड़ दिया गया है।
ककरहा रेंज के पैरुआ गांव में मंगलवार तड़के करीब 3:45 बजे गांव निवासी बेफई के घर में मगरमच्छ घुसने की सूचना मिली। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब 5:30 बजे मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में मगरमच्छ को सरयू नहर के भीऊरवीर घाट पर छोड़ दिया गया।
वहीं मोतीपुर रेंज के मिहींपुरवा नगर पंचायत के घनी आबादी वाले क्षेत्र में मगरमच्छ की लगातार शिकायतों के बाद वन विभाग ने तीन दिन पहले बार-बार तालाब से निकल रहे मगरमच्छ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। मंगलवार सुबह मगरमच्छ पिंजरे में कैद हो गया। उसे भी सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास सरयू नदी में छोड़ दिया गया है।
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बाढ़ में बढ़ जाती है वन्यजीवों की आवाजाही
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि बाढ़ के मौसम में जलस्तर बढ़ने के कारण मगरमच्छ भटककर ग्रामीण और शहरी आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। उन्होंने लोगों से बाढ़ के पानी, जलमग्न रास्तों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की अपील की है। मवेशियों व पालतू पशुओं को भी पानी के स्रोतों के पास न ले जाने की सलाह दी गई है। डीएफओ ने कहा कि मगरमच्छ दिखाई देने पर उसे छेड़ने या पकड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
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ककरहा रेंज के पैरुआ गांव में मंगलवार तड़के करीब 3:45 बजे गांव निवासी बेफई के घर में मगरमच्छ घुसने की सूचना मिली। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब 5:30 बजे मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में मगरमच्छ को सरयू नहर के भीऊरवीर घाट पर छोड़ दिया गया।
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वहीं मोतीपुर रेंज के मिहींपुरवा नगर पंचायत के घनी आबादी वाले क्षेत्र में मगरमच्छ की लगातार शिकायतों के बाद वन विभाग ने तीन दिन पहले बार-बार तालाब से निकल रहे मगरमच्छ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। मंगलवार सुबह मगरमच्छ पिंजरे में कैद हो गया। उसे भी सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास सरयू नदी में छोड़ दिया गया है।
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बाढ़ में बढ़ जाती है वन्यजीवों की आवाजाही
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि बाढ़ के मौसम में जलस्तर बढ़ने के कारण मगरमच्छ भटककर ग्रामीण और शहरी आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। उन्होंने लोगों से बाढ़ के पानी, जलमग्न रास्तों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की अपील की है। मवेशियों व पालतू पशुओं को भी पानी के स्रोतों के पास न ले जाने की सलाह दी गई है। डीएफओ ने कहा कि मगरमच्छ दिखाई देने पर उसे छेड़ने या पकड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।