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Bahraich News: मुंह चिढ़ा रही तीन करोड़ की टंकी, 32 मजरों के ग्रामीण प्यासे

Mon, 09 Jan 2023 11:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 09 Jan 2023 11:48 PM IST
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Three crore tank is teasing, the villagers of 32 villages are thirsty
जरवलरोड(बहराइच)। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक यहां आए तो लगा था कि हमारी दिक्कतें दूर होंगी लेकिन चार महीने होने को हैं अब भी टंकी से पानी नसीब नहीं हुआ। यह जुबानी एक की नहीं जरवल विकास खंड के 32 के निवासियों की है जिनके लिए साढे तीन करोड़ रुपये खर्च कर पानी की टंकी तो बना दी गई लेकिन जिम्मेदार उन्हें शुद्ध पानी नहीं दे पा रहे।
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जरवल विकास खंड के ग्राम पंचायत तप्पेसिपाह में ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल दिलाने के लिए जल जीवन मिशन फेज-1 के तहत पानी की टंकी का निर्माण करवाया गया है। इस योजना पर 343.58 लाख रुपए खर्च कर इससे 32 मजरों को जोड़ा गया है और वहां पाइपों के माध्यम से आपूर्ति दी गई है। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि योजना में जिम्मेदारों की ओर से हर कदम पर अनियमितता व भ्रष्टाचार किया गया।
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टंकी निर्माण के बाद गुणवत्ताविहीन पाइपों का जाल बिछाया गया, तो निर्माण के बाद ही जगह-जगह से लाइन डैमेज हो गई। विभाग तो 22.68 किलोमीटर पाइप बिछाने व 849 ग्रामीण परिवारों को कनेक्शन देने का दावा कर रहा है। लेकिन कुछ दिन आपूर्ति मिलने के बाद से ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति ठप हो गयी।
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ग्रामीणों का आरोप है, कि 30 अगस्त 2022 को उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के बहराइच दौरे पर आने के बाद टंकी की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर उन्हें फीलगुड का एहसास करवा दिया था। लेकिन उनके जाने के बाद से लगभग चार महीने बीतने के बाद भी अभी तक स्वच्छ जल की आपूर्ति नहीं मिल सकी है।
कभी सुचारु आपूर्ति मिली ही नहीं
गांव में पानी की टंकी मिलने के बाद से स्वच्छ पेयजल की आस जगी थी। लेकिन जिम्मेदारों की अनियमितता के चलते टंकी बनने के बाद से आज तक सुचारु रूप से पानी नहीं मिला है। पारसनाथ निषाद, ग्रामीण
दूषित जल पीना मजबूरी
गांव में करोड़ों खर्च कर पानी की टंकी बनायी गई है, लेकिन जिम्मेदारों के भ्रष्टाचार के चलते टंकी बनने के बाद भी सभी ग्रामीणों को दूषित जल ही पानी पड़ रहा है। राघवराम चौहान, ग्रामीण
करोड़ों खर्च फिर भी स्वच्छ जल बना सपना
ग्रामीण विकास व स्वच्छ जल मुहैय्या करवाने के लिए शासन के करोड़ो खर्च हो गए। लेकिन ग्रामीणों के लिए अब भी स्वच्छ जल सपना ही बन कर रह गया है। रामकेवल, ग्रामीण

बंद होने के बाद शुरू नहीं होती आपूर्ति
टंकी में भ्रष्टाचार का आलम यह है, कि किसी भी कारण से एक बार आपूर्ति बंद होने के बाद दोबारा शुरू नहीं हो पाती। चार महीने से सभी ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं। वहीं दीपनारायण ने टंकी को सफेद हाथी बताया। सुभाष, ग्रामीण
आपूर्ति ठप होने की जानकारी नहीं है। मौके पर जांच करवाई जाएगी और आपूर्ति शुरू करवाई जाएगी। राकेश कुमार, एक्सईएन जलनिगम
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