फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Three children died of fever and pneumonia.

बुखार और निमोनिया से तीन बच्चों की मौत

Thu, 05 Dec 2019 10:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 05 Dec 2019 10:27 PM IST
विज्ञापन
Three children died of fever and pneumonia.
बहराइच मेडिकल कालेज के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती बुखार से पीड़ित बच्चे। - फोटो : BAHRAICH
बहराइच। तराई में लगातार बदल रहे मौसम के चलते मासूम बुखार और निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के चिल्ड्रेन वार्ड में देर शाम इलाज के दौरान तीन मासूमों की मौत हो गई। यह सभी मासूम बुखार व निमोनिया से ग्रसित थे। मृतकों में दो मासूम श्रावस्ती जिले के निवासी हैं। उधर, विभिन्न बीमारियों से ग्रसित 14 और रोगी मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए हैं। इनमें तीन रोगियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें पीआईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है।
विज्ञापन

तराई में मौसम में बदलाव तेजी से हो रहा है। मौसम के बदलने के कारण बच्चों के बीमार होने की संभावनाएं भी बढ़ती जा रही हैं। प्रतिदिन तमाम मासूम इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। रानीपुर थाना अंतर्गत हरिराजपुर गांव निवासी शालिनी (5) पुत्री सतीश चंद्र को बुखार होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यहां मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान बुधवार देर शाम शालिनी की सांस थम गई।
विज्ञापन

वहीं, श्रावस्ती जिले के इकौना निवासी नाजरीन (6 माह) पुत्री अकरम और स्वाती (दो माह) पुत्री रामकरन की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। चिकित्सकों के मुताबिक नाजरीन और स्वाती निमोनिया से भी ग्रसित थीं। तीनों रोगी चिल्ड्रेन वार्ड के पीआईसीयू में भर्ती थे। लेकिन पीआईसीयू वार्ड में इलाज के दौरान रोगियों को लाभ नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

मासूमों के परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर चले गए। उधर, चिल्ड्रेन वार्ड में बुखार और निमोनिया से पीड़ित 14 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें तीन रोगियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें चिल्ड्रेन वार्ड के पीआईसीयू में भर्ती किया गया है।
बदल रहे मौसम में मासूमों का रखें ख्याल
जिला तराई क्षेत्र में आता है। तराई में मौसम तेजी से बदल रहा है। ऐसे में शून्य से पांच वर्ष के मासूमों का माता-पिता पूरा ख्याल रखें। ठंड से बचाव के लिए अलाव की भी व्यवस्था करें। पसली तेज चलने पर गर्म तेल का मालिश करें। उल्टी, दस्त व तेज सांस चलने पर तुरंत चिकित्सकों से इलाज कराएं।

- डॉ. केके वर्मा, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ
गंभीर हालत में आए थे मासूम
मेडिकल कॉलेज में इलाज की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। सभी मरीजों को दवा अस्पताल से दी जा रही है। जिन तीन रोगियों की मौत इलाज के दौरान हुई है। उनके परिवारीजन उन्हें गंभीर हालत में लेकर आए थे। इनमें एक रोगी को लखनऊ भी रेफर किया गया था। लेकिन किसी कारणवश वह लखनऊ नहीं जा सके। सभी मासूम रोगियों का इलाज चिकित्सकों की देखरेख में हुआ, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।
- डॉ. डीके सिंह, मुख्य चिकित्साधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed