{"_id":"5eef8ddb8ebc3e433d599094","slug":"the-water-level-of-the-river-rises-due-to-continuous-rain-bahraich-news-lko52707602","type":"story","status":"publish","title_hn":"लगातार बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लगातार बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ा
विज्ञापन
बौंडी (बहराइच)। तराई में बीते चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश का पानी नदियों में पहुंच रहा है। कैसरगंज के मंझारा तौकली गांव में स्थित सरयू नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इससे ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं। महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में प्रतिवर्ष बाढ़ और कटान तबाही मचाती है, लेकिन तहसील प्रशासन की ओर से कटान से बचाव के कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं।
तराई के बहराइच में बीते चार दिनों से लगातार झमाझम बारिश हो रही है। इससे गांव के तालाब व नाले भरे हुए हैं। अब बारिश का पानी नदियों की ओर रुख करने लगा है। महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में स्थित घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। कैसरगंज तहसील के मंझारा तौकली स्थित सरयू नदी में नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। रविवार को गांव निवासी अशोक कुमार आदि नदी के तट पर पहुंचे। सभी नेे बढ़ रहे जलस्तर पर चिंता जतायी।
अशोक कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। लेकिन अभी तक कटान पर अंकुश के लिए कोई पहल तहसील प्रशासन द्वारा नहीं किया जा रह है। मालूम हो कि बीते वर्ष कटान में मंझारा तौकली, ब्रीजा, पकड़िया, गुलाबसिंहपुरवा समेत कई गांवों के ग्रामीणों की खेती योग्य जमीन कट गई थी। खेत नदी में समाहित हो गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक इसी तरह बारिश का सिलसिला जारी रहा तो 15 दिनों में जलस्तर काफी बढ़ जाएगा। इससे लोगों को समस्याएं होंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
तराई के बहराइच में बीते चार दिनों से लगातार झमाझम बारिश हो रही है। इससे गांव के तालाब व नाले भरे हुए हैं। अब बारिश का पानी नदियों की ओर रुख करने लगा है। महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में स्थित घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। कैसरगंज तहसील के मंझारा तौकली स्थित सरयू नदी में नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। रविवार को गांव निवासी अशोक कुमार आदि नदी के तट पर पहुंचे। सभी नेे बढ़ रहे जलस्तर पर चिंता जतायी।
विज्ञापन
अशोक कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। लेकिन अभी तक कटान पर अंकुश के लिए कोई पहल तहसील प्रशासन द्वारा नहीं किया जा रह है। मालूम हो कि बीते वर्ष कटान में मंझारा तौकली, ब्रीजा, पकड़िया, गुलाबसिंहपुरवा समेत कई गांवों के ग्रामीणों की खेती योग्य जमीन कट गई थी। खेत नदी में समाहित हो गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक इसी तरह बारिश का सिलसिला जारी रहा तो 15 दिनों में जलस्तर काफी बढ़ जाएगा। इससे लोगों को समस्याएं होंगी।
विज्ञापन